22 Ways to Remove Fever of Childrens Easily at Home – बच्चों का बुखार दूर करने के 22 सबसे कामयाब घरेलू नुस्खे

22 Ways to Remove Fever of Childrens Easily at Home – बच्चों का बुखार दूर करने के 22 सबसे कामयाब घरेलू नुस्खे

बच्चों के बुखार का कारण : Navjat shishu ka bukhar – Remove fever

 बच्चों को पूरे दिन खेलने-कूदने (playing games) से थकावट हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें बुखार चढ़ जाता है,

 दूसरे कारणों में ज्यादा ठंड (cold) लग जाने की वजह से, ठंडे पानी से नहाने से, जुकाम होने के कारण और छोटे बच्चों के दांत (Teeth) निकलते समय भी बच्चों को बुखार (Children fever)हो जाता है।

Click Here to Read:- Suffering from Fever? Try these 10 Natural Home Remedies to Recover Easily

Click Here to Buy:- All types of Fever – PYROFREE+ (60 capsules) Pack of 2 – GMP Certified – Ayurvedic Proprietary Medicine – For all types of FEVER – Safe – Natural Care

22 Ways to Remove Fever of Childrens Easily at Home

बुखार के लक्षण : Bukhar ke lakshan in hindi

 बुखार के रोग (disease) में कभी तो बहुत ज्यादा ठंड लगती है या कभी गर्मी की वजह से शरीर में बैचेनी (irritation) होने लगती है।

 इस रोग में पूरा शरीर जैसे टूटा (body ache) हुआ सा लगता है, सिर में दर्द होता है, सांस तेज हो जाती है, भूख नहीं लगती है और आंखें लाल (red eyes) हो जाती हैं।

 बुखार का बढ़ना, कब्ज, जी मिचलाना, डकार आना (burp), प्यास, बेहोशी, सुस्ती, थकावट, चक्कर आना और भावुकता (emotional) इत्यादि बाल ज्वर के लक्षण हैं।

आइये  जाने Bachon ke bukhar ka ilaj in hindi,

विभिन्न औषधियों से बुखार का घरेलु उपचार :

  1. कालीमिर्च : Black pepper

लगभग 2 कालीमिर्च और 2 तुलसी के पत्तों (basil leaves) को पीसकर शहद के साथ दिन में 3 बार बच्चे को चटाने से बुखार का रोग दूर हो जाता है।

  1. पीपल : Peepal

काकड़ासिंगी और पीपल का चूर्ण शहद (honey) के साथ 2 चुटकी बच्चे को खिलाने से बुखार दूर हो जाता है।

  1. कुटकी : Kutki

लगभग 2 चुटकी कुटकी का चूर्ण शहद (honey) के साथ बच्चे को सुबह-शाम चटाने से बुखार में आराम (relief in fever) आता है।

  1. हरड़ : Harad

1 छोटी हरड़, 2 चुटकी आंवले का चूर्ण, 2 चुटकी हल्दी और नीम की 1 कली को एक साथ मिलाकर काढ़ा (juice) बना लें और बच्चे को पिलाएं। इससे बुखार नष्ट (kills the fever) हो जाता है।

  1. जायफल : Jaiphal

जायफल को पीसकर माथे, छाती और नाक पर लेप करने से बुखार के रोग में (relief in fever) आराम आता है।

  1. पीपल : Peepal

पीपल के फल के चूर्ण को बारीक पीसकर शहद (honey) के साथ मिलाकर बच्चे को चटाने से बुखार (benefit in fever) में लाभ होता है।

  1. गुडूची : Guduchi

आधे से एक चम्मच गुडूची का रस बच्चे को पिलाने (benefit in fever) से लाभ होता है।

  1. मुलेठी : Mulethi

5-5 ग्राम दारूहल्दी, मुलेठी, कटेरी, हल्दी (turmeric), कटेरी और इन्द्रजौ को एक साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को बच्चे को पिलाने से बुखार में (relief in fever) आराम आता है।

यह भी पढ़ें :- बच्चों को यह उपहार देकर बढ़ाएं उनका आत्मविश्वास

Click Here to Buy:- Alchem Life Phytorelief-Cc-Natural Relief From Cold,Cough & Flu (Pack 3)

22 Ways to Remove Fever of Childrens Easily at Home

  1. अभ्रक भस्म : Abhrak Bhasam

यदि 1 से 2 साल के बच्चे को गर्मी का पित्ती ज्वर (fever – बुखार) हो तो लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग प्रवाल भस्म को दूध (milk) से देने से ज्वर (बुखार) उतर जाता है। अभ्रक भस्म एक से दो साल के बच्चे को उड़द के बराबर दूध (milk) से दें तो वादी शीत कफ का बुखार दूर हो जायेगा।

  1. जायफल : Jaiphal

लगभग 6-6 ग्राम की मात्रा में जायफल, शीतलचीनी, तज, जयपत्री, लौं

ग (cloves), इलायची, वंशलोचन और पीपर को पीसकर चूर्ण बना लें फिर 3 ग्राम केसर, 1 ग्राम कस्तूरी को पीसकर पानी (Water) में डालकर उड़द के दाने के बराबर गोली बना लें। यह बच्चों के ज्वर, कफ (बलगम), खांसी, दूध का न पचना, दूध निकालना, हरे दस्तों  (lose motions) का होना और सर्दी-जुकाम में लाभकारी है।

  1. हींग : Hing

6-6 ग्राम शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक की कज्जली (kajal – काजल) बना लें। फिर 3-3 ग्राम भुनी हुई हींग, पीपर, सोंठ, तज, जायफल, भुना हुआ केसर (roasted kesar), सोहागा, लालनमक, भुनी हुई लौंग, अजवाइन, वायविडंग, अतीस, काकड़ासिंगी को लेकर चूर्ण (churan) बनाकर छान लें और कज्जली में मिला दें। फिर पानी (Water) के साथ इसकी उड़द के बराबर की छोटी-छोटी गोलियां (tablets) बना लें। यह गोली सुबह-शाम मां के दूध से देने से बच्चों की सर्दी, जुकाम, खांसी, दूध डालना, हरे दस्तो का होना, पेट की बीमारी (Stomach diseases) नहीं होती है। यह गोली बच्चों के लिये बनाकर हमेशा सेवन कराएं। इससे बच्चे को किसी बीमारी (infection) होने का डर नहीं रहता। यह बच्चों को ज्वर (बुखार) में भी दी जाए तो शीतवाई का ज्वर (fever – बुखार), कफ (बुखार) दूर होते हैं।

  1. शहद : Honey

10 ग्राम कुटकी को पीसकर लगभग चौथाई ग्राम शहद (honey) में मिलाकर सुबह-शाम बच्चे को चटाने से बच्चों का बुखार (relief in fever)  दूर हो जाता है।

  1. गिलोय : Giloye

गिलोय का रस 120 मिलीलीटर शहद (honey) में मिलाकर दिन में तीन बार बच्चे को चटाने से बच्चों का बुखार (relief in fever) दूर हो जाता है।

  1. नीम : Neem

भद्रमोथा, हरड़, नीम, कड़वे परवल और मुलेठी को मिलाकर काढ़ा (juice) बनाकर पीने से सभी प्रकार के ज्वर (बुखार) समाप्त हो जाते हैं। परन्तु यह काढ़ा गुनगुना (Warm water) सा पिलाना चाहिए। नोट :- नीम की जगह आप नीम अर्क का भी उपयोग किया जा सकता है |

  1. पीपल : Peepal

नागरमोथा, पीपल, अतीस और काकड़सिंगी को बारीक पीसकर और छानकर (rinse) रख लें। इस चूर्ण को शहद में मिलाकर चटाने से बच्चों का ज्वरातिसार, खांसी (cough), वमन (उल्टी) और दमा जैसे रोगों में आराम आता है। वास्तव में यह प्रयोग ज्वरातिसार (बुखार और दस्त) को समाप्त (kills) करने वाला है। अगर ज्वारातिसार के साथ खांसी, दमा और उल्टी का रोग (disease) भी हो तो वे भी इससे समाप्त हो जाते हैं। इसका प्रयोग बच्चों के लिए बहुत ही लाभकारी है।

  1. अतीस : Atis

अतीस अकेला ही ज्वर. (बुखार) में बहुत ही लाभकारी. (helpful) होता है। अतीस को तुलसी के रस के साथ देने से मलेरिया का बुखार. (malaria fever) भी समाप्त हो जाता है। बालकों को मलेरिया का बुखार हो तो यह जरूर देना चाहिए। तेज बुखार. (high fever) चले जाने पर जब हल्का बुखार. (light fever) या हरारत रह जाय तो अतीस, नीम की छाल और गिलोय का काढ़ा उचित मात्रा में पिलाने से बाकी बचा हुआ बुखार भी समाप्त हो जाता है। इससे शरीर में ताकत. (power in body) आ जाती है तथा भूख बढ़ती है। अतीस पुष्टिकारक भी है। गर्भवती स्त्रियों. (pregnant women’s) को जबकि ज्वरनाशक अन्य दवाएं शरीर में गर्मी करती हैं, उस दौरान यह उपयोग. (use) की जा सकती है। यह औषधि बुखार का नाश करती है तथा गर्भ के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक. (not unhealthy) नहीं होती है।

10 ग्राम पिसा हुआ अतीस और 10 ग्राम खांड में शहद. (honey) मिलाकर आधा-आधा ग्राम बच्चे को सुबह और शाम चटाने से बुखार. (relief in fever) ठीक हो जाता है।

  1. हल्दी : Turmeric

हल्दी, दारूहल्दी, मुलेठी, कटेरी और इन्द्रजौ को मिलाकर उसका काढ़ा. (juice) बना लें। इस काढ़े को बच्चों को पिलाने से ज्वरातिसार (बुखार के साथ दस्त आना), दमा, खांसी. (cough) और उल्टी आदि रोग समाप्त हो जाते हैं।

जानिये 10 बहुत ही सरल नुस्खे खुश रहने के लिए

22 Ways to Remove Fever of Childrens Easily at Home

  1. इन्द्रजौ : Indrajo

धाय के फूल, बेलगिरी, धनिया, लोध्र, इन्द्रजौ और सुगन्धवाला को बारीक पीसकर (honey) शहद में मिलाकर चटनी की तरह बच्चों को चटाना चाहिए। इससे ज्वरातिसार (बुखार और दस्त) वात-विकार (gas problem – गैस की बीमारी) आदि रोग समाप्त हो जाते हैं।

  1. धनिया : Dhaniya

लोध्र, इन्द्रजौ, धनिया, आमला. (amla), सुगन्धवाला और नागरमोथा आदि को बारीक पीसकर शहद में मिलाकर चटाने से बुखार. (kills the fever) समाप्त हो जाता है।

  1. मिश्री : Mishri

कुटकी का चूर्ण मिश्री या शहद. (honey) के साथ चटाने से बच्चों का बुखार समाप्त. (kills the fever) हो जाता है।

  1. कुटकी : Kutki

कुटकी को पानी में पीसकर उसका लेप. (paste) बना लें। इसे बच्चों के शरीर पर लेप करने से बच्चों का ज्वर (बुखार) समाप्त. (kills the fever) हो जाता है।

  1. नागरमोथा : Nagarmotha

नागरमोथा, काकड़ासिंगी और अतीस को बारीक पीसकर और छानकर. (mix in honey) शहद में मिलाकर चटाने से दूध. (milk) पीने वाले बच्चों के ज्वर (बुखार), खांसी और उल्टी में जरूर ही आराम. (relief in fever) हो जाता है।

nuskhe, आयुर्वेदिक उपचार, remove fever , gharelu nuskhe in hindi for health, dadimaa ke nuskhe, Remove Fever

, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *