9 Home Remedies To Cure Diarrhea In Babies – बच्चों के पतले दस्त में तुरंत राहतदेय 9 घरेलू इलाज

9 Home Remedies To Cure Diarrhea In Babies – बच्चों के पतले दस्त में तुरंत राहतदेय  9 घरेलू इलाज

Cure Diarrhea – बच्चे को पतले दस्त (loose motion) होने पर दूध बंद करने की जरूरत बिलकुल भी नहीं हैं पर बच्चे के भोजन में बदलाव (change sin food) अवश्य कर देना चाहिए- जैसे के पतली खिचड़ी में दही (curd) मिलाकर देना और केले को अच्छी तरह से पीसकर खाने के लिए देना।

जब ज्यादा दस्त उल्टी (loose motion) होने के कारण बच्चे के शरीर में पानी, नमक और सोडियम जैसे तत्वों की कमी हो जाए तो बच्चे को नमक और चीनी का घोल पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहना चाहिए। डायरिया (Diarrhea) का मतलब है बच्चे को बार-बार पानी के जैसे पतले दस्त लगे होना जिसकी वजह से बच्चे के शरीर में पानी और नमक (lack of salt and water) की कमी हो जाती है और यह रोग ज्यादातर 6 महीने से लेकर 2 साल तक के बच्चों को ही होता है।

नमकचीनी का घोल बनाने की घरेलू विधि : Make a liquid mixture of salt and sugar

एक गिलास उबले पानी (boiled water) में एक चुटकी भर पिसा हुआ नमक डाले या फिर एक चुटकी खाने वाला सोडा और एक चाय (tea) वाला चम्मच भर चीनी (यदि ग्लूकोज मिलायें तो चीनी से आधी मात्रा मिलाएं और यदि गुड़ (jaggery) मिलाना हो तो सुपारी के बराबर गुड़) डालकर घोल बनाकर किसी, कांच के बर्तन (glass crockery) में ढककर रख दें। और इस घोल के पानी को 1-2 चम्मच हर आधे आधे घंटे के बाद बच्चे को तब तक पिलाते रहे जब तक बच्चे के दस्त चालू रहे और बच्चे को 2 बार पेशाब न (urine) आ जाए।

इस घोल को हर 12 घंटे के बाद (बचा हुआ घोल फेंककर) दुबारा हमेशा ताजा घोल बनाकर प्रयोग (use) करना चाहिए। निर्धारित मात्रा में ही चीनी और नमक का यह घोल दस्त के गम्भीर दुष्परिणामों (dangerous results) से बचाहे को बचाता है। साथ ही इस रोग के दौरान और बाद में भी बच्चों (bacho) को धीरे धीरे भोजन देते रहना चाहिए। जैसे- मां का दूध (mothers milk) देना और पानी आदि बिलकुल भी बंद न करें। साथ में थोड़ा-थोड़ा सादा पानी भी दें। और साथ ही दाल का पानी, दही का पानी़, नारियल का पानी और दूसरे तरल पदार्थ (liquid diet) भी देते रहना चाहिए, चाहे कम ही क्यों न खाए पर देते अवश्य रहे। 2 साल से कम उम्र के बच्चे को पका हुआ केला (banana) अवश्य पीसकर देना चाहिए। 2 साल से बड़े बच्चों के लिए दही और चावल बहुत ही अच्छा भोजन है। ध्यान रखें कि उल्टी दस्त (loose motion) बंद होते ही ठोस भोजन देना शुरू नहीं कर देना चाहिए, बल्कि मलाई अलग किया हुआ दूध ही पीने को दें। उसके बाद जल्दी हजम (digest) होने वाले अन्य पोषक खाने वाले पदार्थ जैसे के पतला दलिया, पतली खिचड़ी दें। सब्जी या अन्य फलों के रस (fruit juice) (अलग-अलग तरह के सूपों के रस) देते हुए रोगी को धीरे-धीरे दोबारा सामान्य भोजन पर लेकर आना चाहिए। ज्यादातर बच्चों में डायरिया ज्यादा नहीं होता और अत: उनके शरीर में पानी की कमी (lack of water) नहीं होती है।

निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए – To get rid of dehydration

पानी में नमक और चीनी (mix sugar and salt in water) को मिलाकर बनाया हुआ घोल, कच्चे दूध की लस्सी, नमकीन, छाछ (लस्सी) या कच्चे नारियल का पानी देना चाहिए। गम्भीर डिहाइड्रेशन (serious dehydration) की अवस्था सूचक लक्षणों जैसे बच्चे का मुंह और जीभ सूखना, सांस का असामान्य लगना, बच्चे का ज्यादा बीमार होना, चिड़चिड़ा (irritating) या कमजोर लगना,मल(पाखाने) में आंव या खून आना, उल्टी आना, रोजाना से कम पेशाब आना आदि में नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र जहां ओ. आर. एस. (ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट सोल्यूशन) विश्व स्वास्थ्य संगठन (world health organization) के फार्मूला के अनुसार ग्लूकोज, नमक, खाने का सोडा, पोटैशियम क्लोराइड के मिश्रण के रूप में उपलब्ध (available) रहता है अथवा ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। अन्यथा घर पर ही इलाज हो जाता है। पुनर्जलीकरण (रिहाइड्रेशन- re hydration) के लक्षण अर्थात् जीभ का गीला व नरम होना, तालू का ऊपर उठ जाना, आंखें ठीक अवस्था में होना तथा आंसू आना, चमड़ी को पकड़कर छोड़ने के बाद पहले की हालत में आ जाना, कम से कम दो बार पेशाब (urine) आना और प्यास का कम हो जाना आदि लक्षण बच्चे के स्वस्थ होने के सूचक हैं।

आइये जाने बच्चों को पतले दस्त (bacho Ke Dast)को दूर करने के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय| Home Remedies To Cure Diarrhea In Babies in Hindi

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    औषधियों से उपचार: Treatment from herbs to Cure Diarrhea

  1. दालचीनी. : Daalchini to Cure Diarrhea

दालचीनी (cinnamon) और सफेद कत्थे का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग चूर्ण शहद (honey) में मिलाकर खाने से अपच के कारण बार-बार होने वाले पतले दस्त कुछ समय बंद हो जाते हैं।

  1. आम. : Aam to Cure Diarrhea

लगभग 7 से 28 मिलीलीटर आम के बीजों (mango seeds) की मज्जा तथा बेल के कच्चे फलों की मज्जा का काढ़ा दिन में तीन बार प्रयोग करने से बच्चों के पतले दस्त (loose motion) आना बंद जाते हैं।

आम की गुठली की गिरी भून (roast) लें। एक-दो ग्राम की मात्रा में चूर्ण कर एक चम्मच शहद (honey) के साथ दिन में दो बार चटायें। यदि रक्तातिसार (खूनी दस्त) हो तो आम की अंतरछाल को दही में पीसकर पेट पर लेप करना चाहिए।

  1. धान. : Dhaan to Cure Diarrhea

लगभग 10 से 20 ग्राम धान के लावों को 7 से 14 मिलीलीटर बेल की जड़ के काढ़े के साथ दिन में तीन बार (3 times a day) देना चाहिए।

  1. इन्द्रजौ. : Indrajo to Cure Diarrhea

छाछ के पानी (water) में इन्द्रजौ के मूल को घिसें और उसमें थोड़ी हींग डालकर पिलायें।

  1. जायफल. : Jaiphal to Cure Diarrhea

जायफल को पानी. (water) में घिसकर आधा-आधा चम्मच 2-3 बार पिलाएं।

  1. दूध. : Doodh to Cure Diarrhea

छोटे बच्चों को दस्त हो तो गरम दूध. (warm milk) में चुटकी भर पिसी हुई दालचीनी डालकर पिलाते हैं। बड़ों को दोगुनी मात्रा में पिलाना चाहिए।

  1. बरगद. : Bargad to Cure Diarrhea

नाभि में बरगद का दूध. (milk) लगाने और एक बताशे में 2-3 बूंद डालकर दिन में 2-3 बार खिलाने से सभी प्रकार के दस्तों. (loose motion)  में लाभ होगा।

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8.खसखस. : Khaskhas to Cure Diarrhea

1 ग्राम खसखस पीसकर 10 ग्राम दही में मिलाकर देने से बच्चों की दस्त की. (problem of loose motion) तकलीफ दूर होती है।

9.सोंठ. : Sonth to Cure Diarrhea

जायफल या सोंठ अथवा दोनों का मिश्रण. (mixture) पानी में घिसकर सुबह-शाम 3 सेस 6 रत्ती (करीब 400 से 750 मिलीग्राम) देने से हरे दस्त. (loose motion) मिट जाते हैं।

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