Drinking Small amount of Alcohol is Good for Health or Not? क्या थोड़ी सी शराब पीना वाकई फ़ायदेमंद है?

Drinking Small amount of Alcohol is Good for Health or Not? क्या थोड़ी सी शराब पीना वाकई फ़ायदेमंद है?

हममें से जो लोग कभी-कभी बीयर या शराब (beer or alcohol) के एक-दो ड्रिंक्स पीते हैं, वो मानते हैं कि इससे हमारे शरीर को नुकसान नहीं फ़ायदा होता है.

जब कोई ऐसा अध्ययन (research) सामने आता है जिससे संकेत मिलें कि कम मात्रा में शराब पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा (good for health) है तो मीडिया और आम लोग भी इसका बड़े उत्साह से स्वागत (welcome) करते हैं.

लेकिन कम मात्रा में भी शराब पीने से स्वास्थ्य को कोई (health benefit) फ़ायदा होता है, ये तय करना बहुत ही जटिल काम है.

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सबूतों के आधार पर दवा देने की प्रक्रिया के जनक माने जाने वाले आर्ची कोक्रेन (archie crocaine) ने एक शुरुआती अध्ययन में पाया था कि शराब के सेवन और (health) स्वास्थ्य में रिश्ता है.

उन्होंने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर 18 विकसित देशों 9developed countries) में हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली मौत की असली वजह (real symptoms) जानने की कोशिश की थी.

वे जिन देशों में अध्ययन (research) कर रहे थे, उनमें अमरीका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शामिल थे.

हृदय रोग से रिश्ता – Relation with heart disease

आर्ची कोक्रेन ने अपने विश्लेषण (analyze) में पाया कि शराब ख़ासकर वाइन का सेवन बढ़ाने का हृदय रोग (heart disease) से स्पष्ट रिश्ता है.

कोक्रेन और उनके साथियों ने वर्ष 1979 में पता लगाने की कोशिश की थी कि अलग-अलग लोगों में हृद्य रोग (heart disease) से मौत की दर अलग क्यों है.

उनके मुताबिक शराब बनाने में जिन दूसरे तत्वों (other elements) का समावेश होता है, उनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (anti oxidants) या फिर पौधों के पॉलीफेनॉल फ़ायदेमंद होते हैं.

वर्ष 1986 में शोधकर्ताओं के दल (group of researchers) ने अमरीका में 50 हज़ार से ज़्यादा पुरुष डॉक्टरों का सर्वे किया. इसमें उनके खाने-पीने की आदतों, उनके चिकित्सीय इतिहास (medical history) और स्वास्थ्य की स्थिति पर दो साल तक नजर रखी गई.

इस अध्ययन (research) में पाया गया था कि जो डॉक्टर ज़्यादा शराब पीते थे, उनमें कोरोनरी हार्ट बीमारियां (less heart diseases) कम होती हैं.

कम पीने वाले वैसे भी ज़्यादा सतर्क? Less drunkers are more active

वर्ष 2000 में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन. (research) के मुताबिक अगर आप एक स्टैंडर्ड ड्रिंक लेते हैं तो सप्ताह में ड्रिंक्स नहीं. (no drinks) लेने वालों की तुलना में आपकी मौत की आशंका कम है.

इस अध्ययन के मुताबिक शराब की खपत और हृदय रोग. (heart disease) के बीच ऐसा रिश्ता है कि जो लोग इसका सेवन सोच-समझकर कम मात्रा में करते हैं, उनके हृद्य रोग से मरने. (death from heart disease) की संभावना उन लोगों से कम है जो लोग रोज़ाना काफ़ी ज़्यादा शराब पीते हैं.

लेकिन कम शराब पीने वालों में क्या केवल शराब का सेवन फायदेमंद. (benefit of drinking) है या फिर ये लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में वैसे ही काफ़ी सतर्क. (more active) होते हैं. क्या कम शराब पीने वाले ये लोग नियमित तौर पर शारीरिक व्यायाम. (regular exercise) करते हैं, संतुलित भोजन लेते हैं और ख़ुद का वैसे भी ख्याल रखते हैं?

वर्ष 2005 में मेडिकल प्रोफेशनलों के बीच एक अध्ययन. (research) हुआ. इसमें 32 हज़ार महिलाएं और 18 हज़ार पुरुष शामिल थे. इसमें यह जानने की कोशिश की गई कि शराब के सेवन का हार्ट अटैक के ख़तरे. (risk of heart attack) से और शरीर पर होने वाले असर से क्या संबंध है.

जो लोग सप्ताह में तीन-चार बार, एक या दो पेग शराब पीते हैं, उनमें हार्ट अटैक की आशंका. (less possibility of heart attack) कम होती है.

इसकी वजहों पर शोधकर्ताओं. (researchers) का मानना है कि शराब का गुड कॉलेस्ट्रॉल और हिमोग्लोबिन ए1सी (डायबिटीज के ख़तरे को बताने वाले मार्कर) पर असर होता होगा या फिर फाइबरिनोजेन (जो रक्त के जमने में help करता है) पर असर होता होगा.

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अध्ययनों में बड़ी ख़ामी

इन तीनों कारकों की मेटाबोलिक सिंड्रोम. (metabolic syndrome) में अहम भूमिका होता है. अध्ययनों से संकेत मिले है कि संभवत: इन कारकों में बेहतर संतुलन. (good balance) स्थापित होता होगा.

लेकिन इसे पढ़कर आप शराब का सेवन. (drinking alcohol) बढ़ाना शुरू करें, उससे पहले आपको आगे कुछ और भी ज़रूर पढ़ लेना चाहिए.

तो क्या शराब नहीं पीने वालों में शराब के एक या दो पेग रोजाना. (daily 2-3 peg) पीने वालों की तुलना में मौत का ख़तरा ज़्यादा होता है? इसका सीधा जवाब देना आसान. (not easy) नहीं है.

2006 में शोधकर्ताओं. (group of researchers) के एक दल ने इन अध्ययनों की गंभीरता से समीक्षा की. इन लोगों ने इन अध्ययनों. (researches) में एक बड़ी खामी देखी. इसमें शराब का सेवन नहीं करने वालों में वे लोग शामिल थे जो बीमारी और बढ़ती उम्र. (old age) जैसी वजहों से शराब पीना छोड़ चुके थे. ऐसे में इन लोगों का स्वास्थ्य आम लोगों की तुलना में बेहतर हो, इसकी कोई संभावना. (no possibility) नहीं है.

एक दूसरे अध्ययन. (research) में भी इस खामी को दूर करने की कोशिश की गई. इसी साल ब्रिटेन के लोगों. (people of britain) पर अध्ययन किया गया.

शराब को पचाने की ख़ासियत

इसके मुताबिक अगर केवल शराब की खपत और स्वास्थ्य की तुलना. (comparison) करेंगे तो आपको सीमित मात्रा में शराब के सेवन का फ़ायदा. (benefit) दिखेगा.

लेकिन यदि इन अध्ययनों. (research) में से शराब न पीने वाले उन लोगों को निकाल दिया जाए जो पहले शराब पीते रहे थे, तो शराब पीने का कोई फ़ायदा. (no benefit) नहीं दिखेगा.

एक दूसरे दल ने उन लोगों पर भी अध्ययन. (research) किया जिनका शरीर alcohol को ठीक से पचा. (Cant digest easily) नहीं पाता है. इनमें वे लोग शामिल थे जो एकदम शराब का सेवन नहीं. (never drink before) करते थे. इन लोगों की तुलना alcohol पीने वालों के साथ की गई.

इसके नतीजे. (results) बताते हैं कि शराब सेवन से हार्ट अटैक की आशंका. (possibility of heart attack) बढ़े, ना बढ़े लेकिन इससे दूसरी जानलेवा बीमारियों के होने का ख़तरा. (increase risk of other diseases) जरूर बढ़ जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन.  (world health organization) की बीते साल की रिपोर्ट के मुताबिक शराब सेवन से अवसाद. (depression), बेचैनी, लीवर सिरोसिस, पेनक्रियाटाइटिस, आत्महत्या की प्रवृत्ति. (suicide), हिंसा और दुर्घटना जैसे मामले बढ़ जाते हैं.

alcohol के सेवन से मुंह, नाक. (nose), गले, पेट, लीवर और स्तन के कैंसर का ख़तरा भी. (risk increase) बढ़ता है. दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में 4 से 30 फ़ीसदी मौतें alcohol के सेवन. (cause of drinking) के कारण होती हैं.

स्तन कैंसर में तो ये मामला 8 फ़ीसदी है. इसमें एक पेग प्रतिदिन लेने से स्तन कैंसर का ख़तरा 4 फ़ीसदी बढ़ता है जबकि ज़्यादा सेवन से ये ख़तरा 40 से 50 फ़ीसदी तक बढ़ जाता है.

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200 बीमारियों का ख़तरा – Risk of 200 diseases

शराब का ज़्यादा. (drinking alcohol) सेवन आपकी प्रतिरोधी क्षमता को कमजोर करता है और इसके चलते न्यूमोनिया और टीबी होने का ख़तरा बढ़.ncreases risk) जाता है.

शराब के सेवन से. (drinking alcohol) यौन व्यवहार में रिस्क लेने की संभावना बढ़ जाती है और एचआईवी और दूसरी संक्रमित बीमारियां होने का ख़तरा भी बढ़. (increases risk) जाता है.

गर्भावस्था में शराब सेवन. (drinking alcohol) से शिशु की ग्रोथ प्रभावित होती है. शराब सेवन से कम से कम 200 बीमारियां होने का ख़तरा. (danger) होता है, इनमें से 30 तो केवल शराब पीने से ही होती हैं.

लेकिन सीमित मात्रा. (limited qty.) में शराब के सेवन से फ़ायदा होता है, यह मान्यता पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुई है. शराब का सेवन बंद कराने में जुटी संस्थाएँ. (organizations) भी हिचकिचाते हुए मानती हैं कि कम मात्रा में शराब पीने से हृदय संबंधी बीमारियों. (heart related diseases) और स्ट्रोक में फ़ायदा हो सकता है.

वायन लेने का समय क्या होना चाहिए – Perfect time to take Wine

वायन का सही समय है. (right time) रात में खाना खाने के पहले जितना बाताया गया है उतना ही लें। यदि उससे अधिक लेने का प्रयास किया तो उल्टे बीमारियां. (bad results) लगने लगेगीं। फिर भी कई लोग एैसा ही करते हैं। यदि दारू को केवल दवाई. (as a medicine) के रूप में लें तो यह स्वास्थ्यवर्धक दवाई है।

शराब एक बेहतर इंसुलिन सेंसीटाइजर है – Alcohol is a better Insulin Sensitizer

1- शराब में इंसुलिन सेंसीटाइजर. (Insulin Sensitizer) की वजह से ब्लड शुगर को अच्छे से कंट्रोल करता है। शराब का डोज इंसुलिन के प्रभाव को. (increase the effect) बढ़ाता है।

2- रात को खाना खाने से पहले यदि रेड वाइन. (red wine) की थोड़ी मात्रा में लेने से ब्लड शुगर लेवल 30% तक कम हो जाता है।

3- भोजन करने के बाद ब्लड शुगर लेवल. (blood sugar level) बढ़ सकता है। यह बढ़ा हुआ शुगर लेवल शरीर में फ्री रेडिकल्स. (free radicals) जैसे खतरनाक पदार्थ पैदा करता है। इस तरह की बढ़ा हुआ लेवल शरीर में सूजन पैदा. (increase swelling) करता है। ये फ्री रेडिकल्स हार्ट अटैक और डायबिटीज की मुख्य वजह. (main reason) माने जाते हैं। रात को खाने से पहले दारू पीने से 30 से 40% तक इन खतरों को कम. (reduce the risk) किया जा सकता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद है रेड वाइन  – Red Wine is good for Skin

1- रेड वाइन. (red wine) एंटी एजिंग होती है जो फ्री रेडिकल्स को दूर करके बुढ़ापे को शरीर. (old age on body) पर जल्दी नहीं आने देती है।

2- मुंहासों को दूर करने में वाइन असरदार रूप. (working effectively) में काम करती हैं

3- यह रूखी त्वचा. (dry skin) को चमकदार और प्राकृतिक नमी देती है। जिससे स्किन हमेशा नरम. (always soft) बनी रहती है।

4- स्क्रब. (scrub) के रूप में आप रेड वाइन को प्रयोग कर सकते हो। 1 कप आटे के चोकर के साथ 1 कप वाइन को मिलाकर 4 घंटो के लिए रख लें और बाद में चेहरे. (use on face once a week) पर सप्ताह में 1 बार जरूर लगाएं।

एल्जाइमेर. (Alzheimer) और याददाश्त से संबंधित दिक्कतों को दूर करने के लिए रेड वाइन काफी. (red wine is helpful) फायदेमंद होती है।

वोदका, रेड वाइन और बीयर हर प्रकार की शराब का अपना.अपना. (own benefit) लाभ होता है।

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वोदका पीने के लाभ – Benefits of Drinking vodka

वोदका शरीर से तनाव. (stress) को कम करती है और टेशंन. (tension) को खत्म करती है।

वोदका गठिया. (join pain) के दर्द और सूजन से आराम देती है।

वोदका में एंटीसेप्टिक. (antiseptic) गुण होते हैं जिस वजह से इसका प्रयोग घावों को साफ करने के लिए भी किया जाता है।

यह कीटाणुनाशक. (germ killer) होती है।

बियर पीने के लाभ – Benefits of Drinking Beer

बियर का सीमित सेवन करने से हड्डियां स्वस्थ. (healthy bones) रहती हैं।

दिल के रोगों. (heat diseases) में तीस प्रतिशत से अधिक कमी आती है बीयर पीने से।

गुर्दे की पथरी. (gallbladder stone) को काट देती है बीयर।

आप पूरी कहानी पढ़ने के बाद उलझन. (confusion) में तो नहीं पड़ गए. शराब के स्वास्थ्य पर असर के बारे में वर्ष 2013 में एक विस्तृत अध्ययन. (detailed research) प्रकाशित हुआ है.

इस रिपोर्ट के अंत. (in the need of this report) में लिखा है कि शराब के हानिकारक प्रभाव होने के सबूत स्पष्ट हैं लेकिन जो सबूत. (proof) मिले है, उनके मुताबिक इसके फ़ायदों को संदेह (doubt) से ही देखना चाहिए.

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