जानिये लिवर रोग के लक्षण और उसके बचाव के बारे में | Jaaniye liver rog ke lakshan aur uske bachaav ke bare mein

जानिये लिवर रोग के लक्षण और उसके बचाव के बारे में | Jaaniye liver rog ke lakshan aur uske bachaav ke bare mein

लिवर रोग के लक्षण – लिवर को हिंदी में जिगर कहा जाता है. यह शरीर की सबसे महत्वपूर्ण (important part of body) और बड़ी ग्रंथी है. यह पेट के दाहिनी ओर नीचे की तरफ (ride down side) होता है. लिवर शरीर की बहुत सी क्रियाओं को नियंत्रित (control body) करता है. लिवर खराब होने पर शरीर की कार्य करने की क्षमता न के (bodies working capability goes down) बराबर हो जाती है और लिवर डैमेज का सही समय पर इलाज कराना भी जरूरी होता है नहीं तो यह गंभीर समस्या (it can be a dangerous if not taken treatment on right time) बन सकती है. गलत आदतों की वजह से लीवर खराब होने की आशंका सबसे (bad habits are the reason)ज्यादा होती है. जैसे शराब का अधिक सेवन करना, धूम्रपान अधिक करना (drinking and smoking), खट्टा ज्यादा खाना, अधिक नमक सेवन आदि. सबसे पहले लिवर खराब होने के लक्षणों को (first you need to know the symptoms) जानना जरूरी है. जिससे समय रहते आपको पता रहे और इलाज सही समय पर हो सके.

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लिवर को खराब करने वाले महत्वपूर्ण कारण – Important reason of liver infection

लिवर रोग के लक्षण

  1. दूषित मांस खाना (non veg.), गंदा पानी पीना (dirty water), मिर्च मसालेदार और चटपटे खाने (more spicy and oily food) का अधिक सेवन करना.
  2. पीने वाले पानी में क्लोरीन की (more chlorine in drinking water) मात्रा का अधिक होना.
  3. शरीर में विटामिन बी की कमी (lac of vitamin B) होना.
  4. एंटीबायोटिक दवाईयों (antibiotic medicines) का अधिक मात्रा में सेवन करना.
  5. घर की सफाई पर उचित ध्यान (dirty houses) न देना.
  6. मलेरिया, टायफायड (malaria, typhoid) से पीडित होना.
  7. रंग लगी हुई मिठाइयों और डिं्रक (sweets and drinks) का प्रयोग करना.
  8. सौंदर्य वाले कास्मेटिक्स (more usage of cosmetics) का अधिक इस्तेमाल करना.
  9. चाय, काफी, जंक फूड (tea, coffee, junk food) आदि का प्रयोग अधिक करना.

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लिवर खराब होने से शरीर पर ये लक्षण दिखाई देने लगते हैं. – Symptoms which shows the bad signal for liver

  1. लिवर वाली जगह पर दबाने से दर्द (pain when pressing liver) होना.
  2. छाती में जलन और भारीपन (Acidity and heavy) का होना.
  3. भूख न लगने की समस्या, बदहजमी होना (indigestion), पेट में गैस (Stomach gas) बनना.
  4. शरीर में आलसपन और कमजोरी (laziness and weakness) का होना.
  5. लीवर बड़ा हो जाता है तो पेट में सूजन (swelling) आने लगती है , जिसको आप अक्सर मोटापा समझने की भूल कर बैठते हैं.
  6. मुंह का स्वाद खराब (bad taste of mouth) होना आदि

प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा लिवर को ठीक करने के उपाय. Tips to cure liver from natural treatment

इन उपायों के द्वारा लिवर के सभी तरह के कार्य पूर्ण रूप से सही कार्य (working perfectly) करने लगते हैं. लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है टाॅक्सिंस वायरस (toxin virus) . इसलिए लिवर का उपचार करने से पहले रोगी का खून साफ होना जरूरी है (clean blood) ताकी लिवर पर जमें दूषित दोष नष्ट (remove dirt on liver) हो सके और लीवर का भार (reduce the weight of liver) कम हो सके. इसलिए रोगी को अतरिक्त विश्राम (patient need extra rest) की जरूरत होती है.

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लिवर रोग के लक्षण

प्राकृतिक चिकित्सा कैसे करें? – How to get natural treatment

सुबह उठकर खुली हवा में गहरी सांसे (take deep breath in morning) ले. प्रातःकाल उठकर कुछ कदम पैदल (do some light walk) चलें और चलते चलते ही खुली हवा की गहरी सांसे लें. आपको लाभ (you shall be benefited) मिलेगा.

सप्ताह में सरसों की तेल की मालिश पूरे (sarson oil massage) शरीर में करें. मिट्टी का लेप सप्ताह में एक बार पूरे शरीर पर जरूर लगाएं. आप सप्ताह में एक बार वाष्प (steam bath) का स्नान भी लें. सन बाथ (sun bath) भी आप कर सकते हो.

आहार चिकित्सा – Diet

लिवर संबंधी बीमारी को दूर करने में आहार चिकित्सा (diet plays an important role) भी जरूरी है. यानि क्या खाएं और कितनी मात्रा में खायें (what to eat, how much to eat) यह जानना भी जरूरी हैं. लिवर की बीमारी से परेशान रोगीयों के लिए ये आहार महत्वपूर्ण होते हैं.

लिवर की बीमारी में जूस का सेवन महत्वपूर्ण (drinking juice is important) माना जाता है. लिवर के रोगी को नारियल पानी (coconut water), शुद्ध गन्ने का रस, या फिर मूली का जूस अपने आहार में शामिल करना चाहिए. पालक, तोरई, लौकी, शलजम, गाजर, पेठा का भी जूस (can take these juice too) आप ले सकते हो.

दिन में 3 से 4 बार आप नींबू पानी का (drink lemon juice 3-4 times a day) सेवन करें. सब्जियों का सूप पीएं (vegetable soup), अमरूद (guava), तरबूज, नाशपाती, मौसमी, अनार, सेब (apple), पपीता (papaya), आलूबुखारा आदि फलों का सेवन करें.

सब्जियों में पालक, बथुआ, घीया, टिंडा, तोरई, शलजम, अंवला आदि का सेवन अपने भोजन में अधिक से अधिक (eat them more) से करें. सलाद (salad), अंकुरित दाल (sprout beans) को भी अधिक से अधिक लें. भाप में पके हुए या फिर उबले हुए (boiled vegetables are good too) पदार्थ का सेवन करें.

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लिवर रोग के लक्षण

Agar aap log liver ke liye gharelu upay dhund rahe hai toh iss diet ko follow karein.

लिवर की बीमारी को दूर करने के लिए आप इन चीजों का सेवन अधिक से अधिक करें.- Eat things a lot for liver cure

जामुन लिवर की बीमारी को दूर करने में सहायक (helpful) होता है. प्रतिदिन 100 ग्राम तक जामुन का सेवन करें. सेब का सेवन करने से भी लिवर को ताकत (apple given strength to liver) मिलती है. सेब का सेवन भी अधिक से अधिक करें. गाजर का सूप (carrot juice or soup is very good) भी लिवर की बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है. यदि लिवर में सूजन है तो खरबूजे का प्रयोग अधिक से अधिक करें. पपीता भी लिवर को शक्ति (power) देता है.

आंवला विटामिन सी के स्रोतों में से एक है (amla is also good, it is a god source of vitamin C) और इसका सेवन करने से लीवर बेहतर तरीके से कम करने लगता है . लीवर के स्वास्थ्य के लिए आपको दिन में 4-5 कच्चे आंवले (eat 4-5 amla daily) खाने चाहिए. एक शोध साबित किया है कि आंवला में लीवर को सुरक्षित रखने वाले सभी (all ingredients) तत्व मौजूद हैं.

लीवर की बीमारियों के इलाज के लिए मुलेठी एक कारगर वैदिक औषधि है . मुलेठी की जड़ को पीसकर (mash mulethi) पाउडर बनाकर इसे उबलते पानी (mix in boiled water) में डालें. फिर ठंड़ा होने पर साफ कपड़े से छान लें. इस चाय रुपी पानी को दिन में एक या दो बार पिएं.

पालक और गाजर का रस का मिश्रण लीवर सिरोसिस के लिए काफी फायदेमंद घरेलू उपाय (good home remedy for live syrosis) है. गाजर के रस और पालक का रस को बराबर भाग में मिलाकर पिएं. लीवर को ठीक रखने के लिए इस प्राकृतिक रस को रोजाना कम से कम एक बार जरूर पिएं

सेब और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद पेक्टिन पाचन तंत्र में जमे विष से लीवर (safe liver from toxic) की रक्षा करता है.

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लिवर रोग के लक्षण

कैसे करें लिवर का बचाव – How to save liver

लिवर का बचाव करने के लिए आपको बस इन आसान कामों को करना है और पूरे नियम (you have to do this regularly by following all the rules) से करना है. क्योंकि लिवर शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए आपको अपने जीवनशैली में थोड़ा सा परिवर्तन (you have to change your lifestyle) लाना होगा. ताकि आप लिवर की बीमारी (to stay away from this) से बच सकें.

जब भी आप सुबह उठें तो 3 से 4 गिलास पानी का सेवन (drink water in morning) जरूर करें. उसके बाद आप पार्क में (walk in park) टहलें. दिन में हो सके तो 2 से 3 बार नींबू पानी का सेवन करें. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक काम (physical workout is important) भी करते रहें. कभी भी भोजन करते समय पानी का सेवन न (avoid water while eating food) करें और खाने के 1 घंटे बाद ही पानी का सेवन करें. चाय, काफी आदि से दूर (Avoid tea and coffee) रहें. किसी भी तरह के नशीली चीजों का सेवन न करें. तले हुए खाने से दूर ही (Avoid fried food) रहें. साथ ही जंक फूड, पैकेज्ड खाने का सेवन (avoid junk and packed food) न करें.

अनुलोम विलोम प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम को प्रातः जरूर (must do yoga regularly) करें. इन सभी बातों को ध्यान में यदि आप रखेगें तो आप लिवर की बीमारी से बचे रहेगें.

लीवर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए सेब के सिरके (use apple cider vinegar) का इस्तेमाल करें. खाना खाने से पहले सेब का सिरका पीने से चर्बी कम (reduces fat) होती है. एक चम्मच सेब का सिरका एक गिलास पानी में मिलाएं और इसमें एक चम्मच शहद भी मिलाएं. इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार तक पींए.

आंवला भी लिवर की बीमारी (amla is excellent for liver diseases) को ठीक करता है. इसलिए लिवर को स्वस्थ रखने के लिए दिन में 4 से 5 कच्चे आंवले खाने चाहिए.

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