9 Symptoms and Cure of Laziness and Fatigue- सुस्ती और थकान बढ़ने के 9 कारण और इन्हे दूर करने के नुस्खे

9 Symptoms and Cure of Laziness and Fatigue- सुस्ती और थकान बढ़ने के 9 कारण और इन्हे दूर करने के नुस्खे

Laziness and Fatigue -अगर अपने आस पास देखें तो सामान्यतौर (generally) पर देखने को ये मिलेगा कि समाज (society) में ज्यादातर महिलाएं चाहे वो घरेलू माहौल (house wives) में रहने वाली हों या फिर ऑफिस वर्किंग (working womens) हों सभी महिलाओं में थकान और सुस्ती की शिकायत आम लक्षण (symptoms of laziness and fatigue) नजर आएगी। ऐसा अनुमान (guess) है कि समाज में 51 फीसदी से भी ज्यादा महिलाएं (womens) ऑफिस और घर के काम को करने में खुद को तनाव की वजह (Cause of stress) से असमर्थ पाती हैं।

ऑफिस के काम को निर्धारित समय (fixed time) सीमा में पूरा करने का दबाव (pressure) अधिक होता है। ऐसे में काम को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए बिना रूके परिश्रम (hard work without rest) करने की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक इसी माहौल (atmosphere) में काम करने से महिलाएं कई बीमारियों की चपेट (caught in diseases) में भी आने लगी हैं। देखा जा रहा हैं कि यहीं महिलाओं में मधुमेह और हाईपरटेशन (sugar and hypertenstion) की मुख्य वजह बन रहा है। लिहाजा ऐसे माहौल (atmosphere) में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति (aware about their health) भी सजग रहना होगा और अपने बर्ताव (behave) में थोड़ा बदलाव कर कुछ चीजों को आत्मसात भी करना होगा। जानते हैं ऐसे ही कुछ उपाय (tricks) जिनसें महिलाएं अपने को तनाव मुक्त (stress free) रख सकती हैं।

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ना कहना सीखें– Learn to say No.

बेशक किसी काम के लिए ना कहना कठिन (very difficult) होता है पर अपनी क्षमता को देखते हुए ऐसा करने में संकोच (do not hesitate) नहीं करना चाहिए। नया टास्क (new task) लेने से पहले खुद से पूछें कि क्या आप नए टास्क के लिए पूरी तरह से (ready) तैयार हैं। मेहनत (hard work) करने और फिर से रिचार्ज होने के लिए बैटरी (need battery to recharge) की जरूरत होती है। इसलिए काम को करने के लिए दवाओं का सेवन (eating medicine) करना आपकी सेहत को नुकसान (not good for health) पहुंचा सकता है।

थकान से राहत– Relief from Fatigue.

अगर आप खुद को बेहद तनावग्रस्त महसूस (feeling stressed) कर रहे हैं, तो यह बेहद सामान्य सी बात है कि आप खुद को थका हुआ और सुस्त (restless and lazy) महसूस करेंगे। अगर केवल आप किसी काम को केवल ना भर कह (by saying no) देते हैं तो ये मान कर लिजिए कि आपने अपनी थकान की आधी समस्या (half problems solved) को तो केवल इसी से हल कर दिया। इसके अलावा फुरसत के पलों में थोड़ी सी कसरत या योग (yog or exercise) करना और खाली वक्त में दोस्तों और परिवार (friends and family) के बीच में थोडे़ से सुकून के पल भी आपको तनाव व थकान (relief from stress) को दूर कर सकते हैं। साथ ही किसी भी काम को लगातार न करें।

शरीर में पानी की कमी– Lack of Water in Body.

डीहाईड्रेशन (dehydration) यानी शरीर में पानी की कमी का असर होने पर शरीर सुस्त (body becomes lazy) पड़ जाता है और थकान महसूस (feel) होने लगती है। जिससे किसी काम में मन नहीं लगता है। इसके अलावा ज्यादा नमक वाला पदार्थ (salt products) खाने से वो शरीर की नमी को तेजी से सोख (suck moisture) लेता है, जिससे शरीर में पानी की कमी (lack of water) होने लगती है। ऐसे में अगर आपने चाय कॉफी (tea or coffee) ले ली तो आप इससे खतरनाक स्तर (dangerous level) तक डीहाइड्रेशन पहुंच सकती हैं। डीहाइड्रेशन के समान्य और प्रमुख लक्षण (normal and main symptoms) जिनसे आप पता लगा सकते हैं कि आप इस बीमारी की चपेट (Caught in this disease) में आ गए हैं। इसका सबसे प्रमुख लक्षण है एकाग्रता की (lack of concentration) कमी होना, मुंह व त्वचा का शुष्क होना एवं पीली पेशाब (yellow urine) होना। ऐसा होने पर इस समस्या से बचने के लिए आप हर्बल टी, नारियल पानी (coconut water), या फलों का जूस ले सकते हैं । यह डीहाइड्रेशन से उबरने का बेहतर विकल्प (better option) हो सकता है।

विटामिन B-12 और आयरन की कमी– Lack of Vitamin B-12 and Iron.

शरीर को चुस्त-दुरुस्त (active) बनाए रखने में विटामिन B-12 और आयरन का बड़ा रोल (major role) होता है। लेकिन अगर किसी के शरीर में इन दो तत्वों की (lack of these elements) कमीं होती है, तो इनकी कमीं से शरीर में थकान और सुस्ती (laziness and fatigue) बनी रहती है। B-12 शरीर में ब्लड सेल्स (blood cells) को उसका काम करने में सहायता (helps) प्रदान करता है। इसकी कमी से शरीर बिल्कुल निर्जीव (dead) सा हो जाता है। बल्कि ये भी कह सकते हैं कि जागते हुए भी शरीर सुप्तावस्था (unrested body) में रहता है। दूसरा तत्व है आयरन की कमी। इससे महिलाओं में स्वास्थ्य से जुड़ी अनेक तरह (health related problems) की परेशानियां खड़ी हो सकती है। अगर आप इस तरह की परेशानियों से (infected with these problems) खुद को ग्रस्त पाती हैं, तो आप अपने खून की जांच अवश्य (blood test) कराएं और इनकी कमी को दूर करने के लिए अलग से सप्लीमेंट्स (supplements) ले सकती हैं।

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Laziness and Fatigue

पेशाब जनित समस्यां – Urine Related Problems.

ज्यादा देर तक पेशाब को रोककर (stopping urine is not good) रखना, जलन या पेशाब से जुड़ी कोई समस्या भी सुस्ती और थकान का बड़ा कारण (can be a reason) हो सकती है। इसके लिए यूरिनरी इंफेक्शन (urinary infection) का इलाज कराना जरूरी होता है। डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक (antibiotics) ले सकते हैं, जिससे सेहत पर बुरा असर ना पड़े (no bad effect on health) और सेहत दुरुस्त रह सकें।

कसरत या व्यायाम– Exercise.

सामान्य से ज्यादा व्यायाम (exercise) करना या बिल्कुल व्यायाम (not doing exercise) नहीं करना ये दोनो थकान के (reason of fatigue) कारण हो सकते हैं। अगर आप कसरत नहीं करते हैं, तो आपका शरीर (body) तनाव को बर्दाश्त (cant bear stress) करने में सक्षम नहीं होता है और अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा कसरत (more exercise) करती हैं तो भी आप थकान (feeling restless) महसूस कर करने लगेंगी।

एक साथ कई कामों से बचें– Multi Tasking.

मल्टी टास्किंग की हर समय प्रोडक्टिविटी (cannot compare with productivity) से तुलना नहीं की जा सकती है, एक अध्ययन (research) से पता चला है कि ज्यादा मल्टी टास्किंग से दिमाग के वो (affects brain) अवयव प्रभावित होते हैं, जो एकाग्रता (concentration) से काम को करने में सहायक होते हैं। जानकरों का मानना है कि लगातार मल्टी टास्किंग वर्क करने से दिमाग का वो (effects the brain) भाग प्रभावित होता है, जो हार्मोन (hormone) को तैयार करके दिमाग को सक्रिय (makes brain active) करता है। इससे भी शरीर में सुस्ती और थकान महसूस (feel) होती है। ऐसे में तनाव को दूर करने का आसान  (easy and effective way) और कारगर तरीका होता है या तो आप बागवानी (gardening) करें या फिर संगीत सुन (listening music) कर मन को हल्का करें। जिससे तनाव से मुक्ती (relief from stress) मिलेगी और आप थकान भी महसूस नहीं करेंगी।

देर रात तक चिटचैट से बचें– Night Calls and Internet.

सोशल नेटवर्किंग साइट (social networking sites) पर एक्टिव होना हमारी दिनचर्या में शामिल (Added in daily routine life) हो गया है या कहें कि सोशल नेटवर्किंग साइट हमारे जीवन का अभिन्न अंग (important part of life) हो गया है। लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन (screen of mobile and laptop) पर नजर बनाए रखने से भी तनाव बढ़ता (increases stress) है और ये भी थकान की एक बड़ी वजह (big reason) बन सकती है। लिहाजा ऐसे में रात में सोने (before sleep) से पहले ही अपने मोबाइल या लैपटॉप बंद करें और शान्ति (lay down calm) से लेट जाएं, ये उपाय तनाव और थकान को दूर करने का आसान तरीका (better trick) हो सकता है।

पर्याप्त नींद लें – Enough Sleep.

एक सामान्य महिला. (normal lady) को दिन में कम से कम 7 से 8 घंटे नींद लेना अनिवार्य. (compulsory) होता है। अगर किसी कारणवश पूरी नींद नहीं ले पाए हैं, तो उसकी भरपाई के लिए छोटी. (light exercise) सी कसरत करें, वो फायदेमंद. (benefit) साबित हो सकती है। इसके लिए पहले तो पीठ के बल लेट. (laying down on back) कर शरीर को ढ़ीला छोड़ दें और पैरों को सीधा आराम दायक. (comfortable situation) स्थिति में फैला लें। हाथों को कोहनी से मोड़ कर पेट. (above stomach) के ऊपर रखें और कोहनी पलंग. (bed) पर हों। इसके बाद दो नरम तकियों. (soft pillows) से दोनों तरफ से चेहरे को ढक लें. (cover the face)  और कम से कम 10 मिनट तक गहरी-गहरी सासें. (long breath) ले इससे आपको काफी राहत. (relief) मिलेगी।

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स्वास्थ्य परीक्षण भी कराएं – Health Tests.

थकान और सुस्ती. (laziness and fatigue) के लिए ऊपर बताए गए कारण तो सामान्य. (normal symptoms) कारण हैं। लेकिन इसके अलावा सेहत से जुड़ी समस्यांओं. (health related problems) के लिए चिकित्सकीय परामर्श लेना. (must consult the doctor) भी निहायत जरूरी है। अगर किसी को खून की कमी है. (lack of blood) या फिर थायरॉयड की समस्यां. (problem of thyroid) है या फिर किसी और तरह की परेशानी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना या फिर मेडिकल परीक्षण. (medical test) बेहद ही अनिवार्य हो जाता है।

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