Prepare Yourself Before Teaching Children’s, बच्चे को पढ़ाने से पहले करें खुद को तैयार

Prepare Yourself Before Teaching Children’s- बच्चे को पढ़ाने से पहले करें खुद को तैयार

Baccho/ Childrens - Kids ke Liye Nuskhe

Prepare Yourself Before Teaching Children’s- बच्चे को पढ़ाने से पहले करें खुद को तैयार

हर मां-बाप (parents) को अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता (tension of study) होती है, पर कई बार वो इस बात को नहीं समझ पाते कि बच्चे का मन पढ़ाई में क्यों नहीं (why they are not studying) लग रहा। इसका एक कारण होता है उनके पढ़ाने का तरीका (teaching was is wrong) गलत है, अपने बच्‍चे को पढ़ाने से पहले खुद को इस तरह (prepare yourself) तैयार कर लीजिए।

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    1    बच्चों को पढ़ाना Teaching Childrens

बच्चों को पढ़ाना आसान (not an easy work) काम नहीं होता है। यह भी एक तरह की कला (art) होती है जिसे आपको सीखना (learn) चाहिए। बच्चें कई बार स्कूल में तो पढ़ाई (study) कर भी लेते है लेकिन घर में उनको पढ़ाना मुश्किल (problem) हो जाता है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने से पहले आप कुछ (do few preparations) तैयारियां कर लें। जिससे आपके बच्चे आसानी से पढ़ेगें (will do study easily) भी और समझने में भी परेशानी नहीं होगी।

    2    खिलौनों और किताबों से समझायें Teach Them from Books and Toys

अगर बच्चा बहुत छोटा (small child) है तो उसे फोटो वाली किताब, कविताओं वाली किताब (book) या फिर कविताओं वाले वीडियो की मदद से सि‍खाने (help of videos) की कोशिश करें। बच्चों को उम्र के हिसाब (as per age) से पढ़ाया जाए तो वह जल्दी कवर (cover easily) करते हैं। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कई तरह के खिलौने (teaching toys) आते हैं। उनका इस्तेमाल भी बहुत (benefit) फायदेमंद होगा। आपका बच्चा खेल-खेल में काफी (learn while playing) कुछ सीख जाएगा।

    3    नई चीजे बतायें Teach New Things

बच्चों के साथ जानकारी (share information) से भरी बातें करें। उनके सवालों का तार्किक जवाब (give meaningful answers) देने की कोशिश करें। सुनकर कोई भी चीज ज्यादा जल्दी (learning would be easy) समझ आती है। बच्चे को घर (house) में बांधकर मत रखें। बच्चे समाज में चीजों को देखकर (learning from society) और दूसरे बच्चों से मिलकर भी काफी कुछ (learn a lot) सीखते हैं। बच्चे के साथ कहीं घूमने (outing) निकले हैं, तो रास्ते में अपने आस-पास की (tell them about nearby things) चीजों के बारे में उसे बताते जाएं। बच्चे से ज्यादा से ज्यादा (talk a lot with them) बातें करें।

    4    गैजेट्स और सोशल मीडिया की मदद लें Help of Gadgets and Social Media

गैजेट्स और सोशल मीडिया (gadgets and social media) के इस जमाने में आप इंटरनेट की मदद से (help of internet) भी उन्हें कुछ न कुछ पढ़ा या सीखा सकते हैं। इस तरह स्टडी के साथ-साथ उनका (entertainment with study) एंटरटेनमेंट भी होता रहता है। बच्चा अगर आपसे कोई सवाल करता हैं (any question) तो उसे नजरअंदाज (never ignore) और बाद में बताऊंगी कह कर न टालें। ऐसा करने से हो सकता है कि वह आगे आपसे (never ask any question) कोई सवाल- जवाब ही न करें।

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    5    ज्यादा डांटना ठीक नहीं Too Much Scolding is Not Good

कभी-कभार बच्चों को डांटना (scolding) तो ठीक है लेकिन उन्हें बार-बार डांटना या मारना (not a good option) सही विकल्प नहीं है क्योंकि डांट और मार का डर मन से निकलने पर वह आपकी इज्जत (can lose respect) करना भी छोड़ सकते हैं। खासकर जिद्दी बच्चों को प्यार से हैंडल (handle with love) करना बहुत ही जरूरी है, नहीं तो वह अपनी मनमर्जी करने लगते हैं।

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