7 Reasons Why Few Women Take Time in Pregnancy – 7 कारण जिसकी वजह से कुछ महिलाओं को होती है प्रेग्नेंट होने में देर

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7 Reasons Why Few Women Take Time in Pregnancy – 7 कारण जिसकी वजह से कुछ महिलाओं को होती है प्रेग्नेंट होने में देर

इस बात में कोई शक नहीं है (no doubt) कि पहले के ज़माने में महिलाएं आसानी से गर्भवती हो (easily pregnant) जाती थीं। आज के समय में महिलाओं को प्रजनन संबंधी परेशानियां (pregnancy related problems) ज्‍यादा होने लगी हैं। आधुनिक जीवनशैली (modern lifestyle) और तनाव के कारण अब महिलाओं को कई बीमारियां  (so many diseases) हो जाती हैं जो उनके मां बनने में भी रुकावटें (hurdles) पैदा करती हैं।

यही स्थिति पुरुषों (situation with mens too) में भी देखी जाती है। पहले के ज़माने की तुलना में पुरुषों में भी स्‍पर्म के (low level of sperms) स्‍तर में गिरावट आई है।

आज हम आपको इसी बारे में बताने (share) जा रहे हैं कि आजकल क्‍यों महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्‍याएं (problem in pregnancy) आ रही हैं। तो चलिए जानते हैं कि महिलाओं को गर्भधारण (know the problems) करने में समस्‍या क्‍यों आती है।

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  1. गर्भाश् ग्रीवा

योनि और गर्भाश्‍य के बीच ग्रीवा एक मार्ग (works of a way) का काम करती है। संभोग के दौरान ग्रीवा के द्वारा ही गर्भाश्‍य तक स्‍पर्म (sending sperms) पहुंचते हैं। अगर ग्रीवा में कोई परेशानी (problem) हो तो अंडाणुओं का प्रजनन भी रुक जाता (stops fertility) है और महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्‍कत (problem) आती है।

  1. पीएच स्तर PH Level

अंडाणुओं के प्रजनन (fertile) के लिए योनि में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीएच स्‍तर का बहुत ज्‍यादा या कम (more or less) होना अंडाणुओं के प्रजनन में दिक्‍कतें (can create problem) उत्‍पन्‍न करता है।

  1. आघात – Shock

गर्भाश्‍य फाइब्रॉएड, ऊतकों पर निशान, संक्रमण (infection), फैलोपियन ट्यूब संबंधित कोई समस्‍या, एंडोमेट्रियोसिस, पॉलिप्‍स और प्रजनन संबंधित अन्‍य किसी परेशानी के (fertility related problems) कारण गर्भधारण करने में देरी आती है।

इन परिस्थितियों में स्‍पर्म कोशिकाओं (sperm tissues) को अंडाणुओं तक पहुंचने में देरी लगती है जिसके कारण गर्भाधान में समय (take time in pregnancy) लग जाता है। इसके दौरान गर्भाश्‍य में अंडाणु विकसित नहीं (eggs not developing) हो पाते हैं और गर्भधारण से जुड़ी समस्‍याएं जन्‍म (pregnancy reated problems) लेने लगती हैं।

  1. पीसीओस – PCOS

पॉलीसिस्टिक सिंड्रोम गर्भधारण करने की प्रक्रिया में बाधा (Can create problems) उत्‍पन्‍न करता है जिससे गर्भधारण करने में देरी (late) आती है।

  1. सामान् समस्याएं Other Problems

महिलाओं  (womens) को कई तरह की सामान्‍य समस्‍याएं (normal problems) जैसे अत्‍यधिक मात्रा में शराब का सेवन करना, मोटापे, अनियमित माहवारी (irregular bleeding) और सिस्‍ट बनने के कारण भी गर्भधारण करने में समस्‍या आती है।

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  1. उम्र का असर Age Effect

35 उम्र के बाद भी महिलाओं को गर्भधारण (problem in pregnancy) करने में समस्‍या आती है। 35 के बाद महिलाएं आसानी से गर्भधारण नहीं कर पाती हैं।

उम्र बढ़ने पर अंडाणुओं का गुणवत्ता में कमी (lack of quality in egg) आती है और अंडाणुओं की संख्‍या भी घट (reduction in sperms) जाती है। इसके अलावा गर्भाश्‍य भी अंडाणुओं का निस्‍तार करने की क्षमता खोने (losing the capacity) लगता है।

  1. अन् समस्याएं Other Problems

पतली महिलाओं (thin womens) को भी गर्भधारण करने में दिक्‍कतें (problem) आती हैं। यौन राग (sexual patients) जैसे गोनोरिया, क्‍लेमिडिया और पेल्विक इंफ्लामेट्री रोग के कारण भी महिलाएं गर्भधारण (cannot get pregnant) नहीं कर पाती हैं।

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