जानिये ई-सिगरेट दिल और फेफड़ों के लिए क्यों है खतरनाक- Why E-cigarette is Dangerous for Lungs and Heart

जानिये ई-सिगरेट  दिल और फेफड़ों के लिए क्यों है खतरनाक- Why E-cigarette is Dangerous for Lungs and Heart

आम तौर पर सिगरेट पीने (smokers) वाले लोग मानते हैं कि ई-सिगरेट शरीर के लिए कम खतरनाक (less dangerous) होती है, क्योंकि इसमें खतरनाक धुआं, टार (tor) और कार्बनमोनोऑक्साइड (carbon monoxide) नहीं होता है. लेकिन ई-सिगरेट से दिल (heart) और फेफड़ों (lungs) में बीमारियों (diseases) के कई मामले सामने आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (world health organization) (डब्लयूएचओ- WHO) ई-सिगरेट पर रोक लगाने की मांग भी कर चुका है. ताजा रिसर्च (latest research) में यह बात सामने आई है कि ई-सिगरेट की लत के शिकार (victim of e-cigarette) लोग सामान्य सिगरेट पीने वालों से ज्यादा (smoke more) सिगरेट पीते हैं, जिससे कार्डियक सिम्पथैटिक एक्टिविटी (cardiac sympathetic activity) एंडरलीन का लेवल और ऑक्सीडेंटिव तनाव (increases stress) बढ़ जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे दिल की समस्याओं का खतरा (increases danger of heart) भी बढ़ जाता है.

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ई-सिगरेट से कैंसर का खतरा अधिक – More caner Risk from E-Cigarette

ई-सिगरेट में धुआं कम (less smoking) होता है, फिर भी दूसरे लोग इसके संपर्क में अधिक (more in contact) आते हैं. रिसर्च में, ई-सिगरेट के सेवन से कारसिजेंस जैसे फॉर्मडिहाइड, बैन्जीन (benzine) और तंबाकू (tobacco) आधारित न्रिटोसेमीन्स पैदा होने का पता चला है.

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ई-सिगरेट से कैंसर होने का खतरा एक पैकेट सिगरेट (comparatively 1 packet of cigarette) पीने की तुलना में 5 से 15 गुना होता है. धुआं रहित (without smoke) कुछ तंबाकू में तीन से चार गुना ज्याद निकोटीन (more nicotine) होता है, जो दिल में जहरीलापन पैदा (grows more poison) कर सकता है और ई-सिगरेट से यह खतरा टलने वाला नहीं है.

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किशोरों के लिए चिंता का विषय – Topic of Fear for Youngsters

एक दूसरे के साथ ऐसी सिगरेट का (changing e-cigarette with each other) आदान-प्रदानल करने से टीबी (T.B), हेरप्स और हैपेटाइटिस जैसे वायरस (virus) वाले रोग फैल सकते हैं. किशोरों में ई-सिगरेट का बढ़ते उपयोग (usage) की वजह से यह और भी चिंता का विषय (topic of tension) बन गया है. निकोटीन से दिमाग के विकास (bad effect on growth of brain) पर असर पड़ सकता है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में (problem in concentration)  परेशानी आ सकती है और गुस्से पर काबू (very difficult to control anger) पाना मुश्किल हो जाता है.

ई-सिगरेट का उपयोग असल में तंबाकू (usage is like tobacco) जैसा ही है. धूम्रपान करने वाले इसे छोड़ने की तकनीक सीखें (learn to quit this) और वही तकनीक अपनाएं जिन्हें मान्यता है.

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