जानिये क्या है जोड़ों और हड्डियों में दर्द का कारण, लक्षण और उपचार – Know about Joint and Bone Pain, Symptoms and Treatment

जानिये क्या है जोड़ों और हड्डियों में दर्द का कारण, लक्षण और उपचार – Know about Joint and Bone Pain, Symptoms and Treatment

जोड़ों का दर्द शरीर के किसी भी हिसे (any part) में हो सकता है .काफी समय बैठे (sitting for long time) रहने से, सफर (traveling) करने से या उम्र बढ़ने (old age) से हमारे घुटने अकड़ (stiff) जाते है या दर्द (pain) करने लग जाते है. जिसे हम जोड़ो  का दर्द या Joint Pain कहते है. जोड़ों का दर्द दो (2 types of joint pain) प्रकार का हो सकता है Osteo और Rheumatoid . कभी कभी  घुटनों के दर्द (cause of knee pain) की वजह से पूरा पैर दर्द (pain in whole leg) करने लग जाता है. जोड़ों का दर्द हमे पैरों के घुटनों (knee), कुहनियों (elbows), गदर्न (neck), बाजुओं (hands) और कूल्‍हों में हो सकता है.

जब किसी जोड़ में उपसिथ भंग (bone break) हो जाती है तो हड़िया एक दूसरे से रगड़ (rubbing with each other) खाने लग जाती है इस से सूजन (swelling), दर्द (pain) ऐंठन उत्पन होती है

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जोड़ों के दर्द के कारण :– Reasons of Joint Pain

 हड्डियों में मिनरल यानि की खनिज (lack of mineral in water) की कमी होना

 अर्थराइटिस-Artherities

 बर्साइटिस- Bisitous

 कार्टिलेज का घिस (eroded) जाना

 खून का कैंसर होना- Blood Cancer

 उम्र बढ़ने के कारण- Age Factor

 हडियों में मिनरल की कमी- Lack of minerals in bones

हड्डियों और जोड़ों के दर्द के लक्षण हैं- Symptoms of Joint Pain

चलने, खड़े होने, हिलने-डुलने (moving) और यहां तक कि आराम (rest) करते समय भी दर्द (pain),सूजन और क्रेपिटस चलने पर या गति करते समय जोड़ों का लॉक (joint lock) हो जाना जोड़ों का कड़ापन (stiffness in joints), खासकर सुबह (morning) में या यह पूरे दिन (whole day) रह सकता है

मरोड़, वेस्टिंग और फेसिकुलेशन- Stomach Pain, Wasting and Faciculation

अगर बुखार (fever), थकान (fatigue) और वजन घटने (weight loss) जैसे लक्षण हों, तो कोई गंभीर अंदरूनी (internal) या संक्रामक बीमारी (infected diseases) हो सकती है। आपको डॉक्टर से बात (consult the doctor) करना चाहिए।

नीचे दिए गए नुक्सों (tips and tricks) से आप जोड़ो के दर्द से छुटकरा (relief from joint pain) पा सकते हैं –

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हल्दी और अदरक की चाय :– Turmeric and Ginger Tea

हल्दी और अदरक दोनों हो anti-inflammatory s होते है. और ये दोनों हमे जोड़ों के दर्द से भी शुटकरा (relief from joint pain) दिला सकते है .

 2 गिलास पानी- 2 glass water

 (1 / 5 ) चमच अदरक का पाउडर – ginger powder

 (1 / 5 ) चमच हल्दी का पाउडर – turmeric powder

  आप शहद भी ले सकते हो मिठास के लिए – honey for sweetness

विधि :— How to Make

2 गिलास पानी को उबाल (boil) लीजये और उस में आधा आधा चमच हल्दी (turmeric) और अदरक पाउडर (ginger powder) डाल लीजिए. और इस मिश्रण (mixture) को 10 -15 मिनट शोड दिज्ये . उस के बाद उसमे शहद डाल (mix honey) भी डाल सकते हो और इस कड़े (medicine syrup) का  दिन में दो बार सेवन कीजिए(twice a day) और कुछ ही दिनों में रिजल्ट (result) आप के सामने आजएगा.

मालिश – Massage

मालिश करने से जोड़ों के दर्द  को (relief in joint pain) आराम मिलता है, मालिश लसुन के तेल (garlic oiil), सरसों के तेल (sarson oil) या नारियल के तेल (coconut oil) से हल्के हाथो से करें.

लहसुन – Garlic

लहसुन की 10 कलियों (piece of garlic) को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध (milk) में मिलाकर पकायें। पानी जल जाने पर लहसुन खाकर दूध पीने से दर्द में (relief from pain) लाभ होता है।

250 मि.ली. दूध (milk) एवं उतने ही पानी में दो लहसुन (garlic) की कलियाँ, 1-1 चम्मच सोंठ और हरड़ तथा 1-1 दालचीनी और छोटी इलायची डालकर पकायें। पानी जल जाने पर वही (drink that milk) दूध पीयें।

लहसुन की दो कलिया रोज सुबह खली (eat garlic daily empty stomach) पेट खाये. सरसों के तेल में लसुन की कलिया डाल कर भुन (fry) ले और दिन में दो बार दर्द प्रभावित (pain effective part) हिस्से पर लगए तथा मालिश (massage) करें. इस विधि से आप को बहत लाभ (get good benefit) प्राप्त होगा.

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लाल मिर्च पॉवडर -Red Chilli Powder

लाल मिर्च का पाउडर (red chilly powder) भी जोड़ों के दर्द से राहत (relief from joint pain) दिला सकता है

एक कप नारियल के तेल (coconut oil) को गर्म करने के बाद उस  में दो चमच लाल मिरच पाउडर (red chilly powder) के डाल लीजिए और इस मिश्रण (mixture) को दर्द से प्रभावित (effected area) जगह पर 15 से  20 मिनट लगा कर रखे. ये विधि  आप के लिए लभदयिक (benefit to you) साबित होगी.

निर्गुण्डी – Nirgundi

निर्गुण्डी के पत्तों (nirgundi leaves) का 10 से 40 मि.ली. रस लेने से अथवा सेंकी हुई मेथी का कपड़छन चूर्ण तीन ग्राम,सुबह-शाम पानी (drink every morning and evening) के साथ लेने से वात रोग में लाभ (benefit) होता है। यह मेथीवाला प्रयोग घुटने के वातरोग knee pain) में भी लाभदायक है। साथ में वज्रासन (vajrasan) करें।

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