Know 10 remedies for living happy

जानिये 10 बहुत ही सरल नुस्खे खुश रहने के लिए| Know 10 remedies for living happy

Depression ke Nuskhe

जानिये 10 बहुत ही सरल नुस्खे खुश रहने के लिए| Know 10 remedies for living happy

जब आप बुनियादी रूप से खुश (happy) होते हैं, जब आपको खुश रहने के लिए कुछ करना नहीं पड़ता, तो आपके जीवन के हर आयाम (every aspect) में बदलाव आ जाएगा। आपके अनुभवों (experiences) में और खुद को व्यक्त करने के तरीकों में बदलाव (change) आ जाएगा। आपको पूरी दुनिया (whole world) बदली हुई लगेगी। आपका अब कोई निहित स्वार्थ नहीं होगा क्योंकि चाहे आप कुछ करें या न करें, चाहे आपको कुछ मिले या न मिले, चाहे कुछ हो या न हो, आप स्वभाव से ही आनंदित (enjoyment) होंगे। जब आप अपने स्वभाव से ही खुश होते हैं, तो आप जो भी करेंगे, वह बिल्कुल अलग स्तर (different level) पर होगा।

यह भी पढ़ें :- संक्षेप में जानिये लड़की से दोस्ती और फ्रेंडशिप करने के नुस्खे

 एक खुशहाल जीवन के लिए 10 साधन :- 10 lesson for happy life

 ध्यान रखें कि खुश रहना आपकी बुनियादी जिम्मेदारी है- Living happy is a basic need

किसी इंसान की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी एक खुशमिजाज प्राणी (fun loving person) होने की है। खुश रहना जीवन का चरम पहलू नहीं है। यह जीवन का बुनियादी (basic) पहलू है। अगर आप खुश नहीं हैं, तो आप अपने जीवन (life) में क्या कर सकते हैं ? एक बार आप खुश हों, तभी दूसरी महान संभावनाएं (possibilities) खुलती हैं।

चाहे आप जो भी करें, आप अपने अंदरूनी गुणों को ही विस्तार (growing) देते हैं और जगाते हैं। चाहे आप इस बात को पसंद करें या नहीं, हकीकत (reality) यही है। जब तक कि कोई महत्वपूर्ण चीज आपके भीतर घटित नहीं होती, आप दुनिया के लिए कुछ बहुत महत्वपूर्ण (important) नहीं कर सकते। इसलिए अगर आप दुनिया के बारे में चिंतित (tense) हैं, तो पहली चीज आपको यह करनी चाहिए कि खुद को एक खुशमिजाज प्राणी में रूपांतरित (convert) करें।

  1. पहचानें कि खुशी आपकी मूल प्रकृति है – Know happiness is a natural

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अपने जीवन (life) में क्या कर रहे हैं, चाहे वह कारोबार (business) हो, सत्ता, शिक्षा या सेवा, आप ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आपके भीतर कहीं गहराई में एक भावना (feeling) है कि इससे आपको खुशी मिलेगी। इस धरती (earth) पर हम जो कुछ भी करते हैं, वह खुश रहने की इच्छा से करते हैं, क्योंकि यह हमारी मूल प्रकृति (nature) है। जब आप बच्चे (kid) थे, तो आप यूं ही खुश थे। वही आपकी प्रकृति है। खुशी का स्रोत (source is inside you) आपके भीतर है, आप उसे हमेशा के लिए एक जीवंत अनुभव (living experience) बना सकते हैं।

यह भी पढ़ें :- पहली बार शारीरिक संबन्ध बनाते वक्त कुछ जानने योग्य बातें

  1. चीजों का महत्व पहचानें – Know the importance of things

आज सुबह, क्या आपने देखा कि सूर्य (sun rises) बहुत अद्भुत तरीके से उगा? फूल खिले, कोई सितारा (star) नीचे नहीं गिरा, तारामंडल (galaxy) बहुत अच्छी तरह काम कर रहे हैं। सब कुछ व्यवस्थित है। आज समूचा ब्रह्मांड बहुत बढ़िया तरीके से काम कर रहा है मगर आपके दिमाग (brain) में आया किसी विचार (thought) का एक कीड़ा आपको यह मानने पर मजबूर कर देता है कि आज बुरा दिन (today is a bad day) है।

कष्ट (pain) मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर इंसान इस जीवन के प्रति सही नजरिया (right view) खो बैठे हैं। उनकी मनोवैज्ञानिक (psychological) प्रक्रिया अस्तित्व की प्रक्रिया से कहीं बड़ी हो गई है या सीधे-सीधे कहें तो आपने अपनी रचना को स्रष्टा की सृष्टि से कहीं अधिक महत्वपूर्ण (important) बना दिया है। यह सारी पीड़ा का बुनियादी स्रोत है। हम इस बात की पूरी समझ खो बैठे हैं कि यहां जीवित (living) रहने के क्या मायने हैं। आपके दिमाग में आया कोई विचार या आपके मन की कोई भावना (feeling) फिलहाल आपके अनुभव की प्रकृति को तय करती है। और यह भी हो सकता है कि आपके विचार और भावना का आपके जीवन की सीमित हकीकत (limited reality) से कोई लेना-देना न हो। पूरी सृष्टि बहुत बढ़िया तरीके से घटित हो रही है मगर सिर्फ एक विचार(thought) या भावना (feeling) सब कुछ नष्ट (can destroy everything) कर सकती है।

  1. मन या दिमाग को उसके असली रूप में देखें – See mind and thinking in a real

जिसे आप ‘मेरा मन’ कहते हैं, वह असल (reality) में आपका नहीं है। आपका अपना कोई मन नहीं है। कृपया इस पर ध्यान दें।जिसे आप ‘मेरा मन’ कहते हैं, वह बस समाज का कूड़ेदान (garbage bin) है। कोई भी और हर कोई जो आपके पास से गुजरता है, वह आपके दिमाग में कुछ न कुछ डाल (putting in your brain) जाता है। आप वाकई यह चुन नहीं सकते कि किससे आपको चीजें ग्रहण (accept)  करनी हैं और किससे नहीं करनी। अगर आप कहते हैं, ‘मुझे यह व्यक्ति पसंद नहीं है, तो आप किसी भी और से ज्यादा उस इंसान से ग्रहण (accepting more than that person) करेंगे। आपके पास कोई चारा (no option) नहीं है। अगर आपको इस बात की जानकारी हो कि उसे ठीक करके कैसे इस्तेमाल (how to use properly) करना है, तो यह कूड़ेदान उपयोगी (useful) हो सकता है। असर और जानकारी का यह ढेर, जो आपने जमा (collected) किया है, वह सिर्फ दुनिया में जीवित (living) रहने के लिए उपयोगी है। आप कौन हैं, इससे उसका कोई संबंध (no relation) नहीं है।

  1. मन से अपने बुनियादी अस्तित्व की ओर बढ़ें – Go to basics from your mind

जब हम किसी आध्यात्मिक प्रक्रिया (spiritual activity) की बात करते हैं, तो हम मन से अपने बुनियादी अस्तित्व की ओर जाने की बात करते हैं। जीवन का संबंध इस सृष्टि से है जो यहां मौजूद है – उसे पूरी तरह जानना और उसके असली रूप में उसका अनुभव (feeling) करना, अपने मनमुताबिक उसे विकृत (change) न करना – ही जीवन है। अगर आप अस्तित्व की हकीकत (reality) की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो सरल शब्दों (easy words) में आपको बस इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो आप सोचते हैं, वह महत्वपूर्ण नहीं (not important) है, जो आप महसूस (feel) करते हैं, वह महत्वपूर्ण नहीं है। आप जो सोचते हैं, उसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उसका जीवन के लिए कोई बड़ा महत्व (no big importance) नहीं है। मन बस उन फालतू चीजों में उलझा रहता है, जो आपने कहीं और से इकट्ठा (collect) किया है। अगर आपको वह महत्वपूर्ण (important) लगता है, तो आप कभी उसके परे नहीं देख पाएंगे।

आपका ध्यान (concentration) स्वाभाविक रूप से उस दिशा में जाता है, जिसे आप महत्वपूर्ण मानते हैं। अगर आपके विचार और आपकी भावनाएं आपके लिए (important) अहम हैं, तो स्वाभाविक (naturally) रूप से आपका सारा ध्यान वहीं होगा। मगर यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक हकीकत (psychological reality) है। इसका अस्तित्व में मौजूद चीजों से कोई लेना-देना नहीं है।

कष्ट (pain) हम पर बरसाया नहीं जाता, उसे पैदा (develop) किया जाता है। और उसे बनाने वाला कारखाना आपके मन (thoughts are the factory) में है। अब इस कारखाने को बंद करने का (time to close) समय है।

यह भी पढ़ें :- संक्षेप में जानिये लड़की से दोस्ती और फ्रेंडशिप करने के नुस्खे

  1. पाने की कोशिश करें, अभिव्यक्त करना शुरू करें :- Avoid getting, start behaving

आज हम इतने जोरशोर से खुशी की तलाश (searching for happiness) कर रहे हैं कि धरती का जीवन (life of earth) ही खतरे में पड़ गया है। खुशी की तलाश में न रहें। दुनिया में अपनी खुशी को अभिव्यक्त (express) करना जानें। अगर आप मुड़कर अपने जीवन को देखें तो आपके जीवन के सबसे खूबसूरत पल (beautiful moments) वे थे जब आप अपनी खुशी को अभिव्यक्त कर रहे थे, न कि जब आप उसकी तलाश (search) कर रहे थे।

जो आप बचाते (save) हैं, वह कभी आपका गुण नहीं होगा। जो आप फैलाते हैं, जो आप बिखेरते हैं, वह आपका गुण होगा। अगर आप अपनी खुशी को बचा-बचा (save) कर रखेंगे, तो जीवन के अंत (in the end of life) में कोई ऐसा नहीं कहेगा, ‘उसने अपने अंदर खुशी का एक-एक अंश बचा कर रखा, वह बहुत खुशी के साथ मरा।’ वे कहेंगे, ‘यह भयानक प्राणी (dangerous creature) अपनी जिंदगी में कभी मुस्कुराया (smiling) तक नहीं।‘ लेकिन अगर आप हर दिन अपनी खुशी और प्यार को फैलाएंगे (spread the love and happiness), तो लोग कहेंगे, ‘अरे वह एक खुशमिजाज और प्यार करने वाला इंसान (person) था।’

  1. मुस्कुराइए :- keep Smiling

सुबह जब आप उठते (wakeup) हैं, तो पहली चीज आपको यह करनी चाहिए कि आप (smile) मुस्कुराएं। किस पर? किसी पर नहीं। क्योंकि आप जगे, यह कोई छोटी बात (not a small thing) नहीं है। लाखों लोग जो कल रात सोए थे, आज नहीं उठे, मगर आप और मैं उठे। क्या यह बहुत बढ़िया बात (good thing) नहीं है कि आप जगे? इसलिए अपने जगने पर मुस्कुराइए। इसके बाद आस-पास देखिए और अगर कोई है, तो उन्हें देख कर मुस्कुराइए। बहुत सारे लोगों के साथ ऐसा हुआ कि उनका कोई प्रियजन (loving one) आज सुबह नहीं जगा। आपको जो भी लोग प्यारे हैं, वे जगे। वाह! यह तो बहुत अच्छा दिन (it’s a good day) है, है न ? फिर बाहर जाइए और पेड़ों (see trees) को देखिए। वे भी पिछली रात (last night) को नष्ट नहीं हुए।

बहुत से लोगों को यह अजीब (weird) लग सकता है, मगर आपको इसका महत्व (importance) तब पता चलेगा, जब आपका कोई प्रियजन सुबह नहीं उठेगा। इसका महत्व जानने के लिए तब तक का इंतजार (don’t wait) न करें। यह कोई अजीब या हसने वाली बात नहीं है, यह सबसे कीमती चीज (precious thing) है – कि आप जीवित हैं और जो भी आपके लिए मायने रखता है, वह जीवित (alive) है। इस दुर्भाग्यपूर्ण रात (unlucky night) जब इतने सारे लोग नहीं उठे और कितने सारे लोगों के प्रियजन नहीं उठे, तब आप और आपके प्रियजन उठ पाए, क्या यह शानदार चीज (special thing) नहीं है? इसका महत्व समझें और कम से कम मुस्कुराएं। कुछ लोगों को प्यार (see other peoples with love) से देखना सीखें।

  1. खुद को याद दिलाएं :- Give time to yourself

बहुत से लोगों को यह सब भूलने (forgetting everything) में बस घंटा भर लगता है और जल्दी ही उनका रेंगने वाला दिमाग किसी को काटने (bite someone) के लिए आतुर हो जाता है। इसलिए हर घंटे खुद को एक खुराक दें – जीवन की अहमियत (always remember importance of life) याद दिलाएं। अगर आप बहुत ही संवेदनहीन (sensitive) हैं, तो हर आधे घंटे में खुद को याद दिलाएं। अगर आप भीषण रूप से संवेदनहीन हैं, तो खुद को हर पांच मिनट पर याद दिलाएं। अपने आप को याद दिलाने में बस दस सेकेंड (need 10 seconds to change) लगते हैं। आप इसे बस दो सेकेंड में भी कर सकते हैं – ‘मैं जीवित हूं, तुम जीवित हो। और क्या चाहिए?’

यह भी पढ़ें :- ऐसे जबरदस्त रोचक तथ्य और जानकारी जो अपने पहले कभी नहीं पढ़ी होंगी

  1. जो अंदर है, उसे बदलें :- change your inner side

वर्तमान (present) में, आपके जीवन की गुणवत्ता (quality) उन कपड़ों से तय नहीं होती, जो आप पहनते हैं। वह आपकी शैक्षिक योग्यताओं (study qualification), आपकी परिवार की स्थिति (situation of family) या आपके बैंक बैलेंस (bank balance) से तय नहीं होती। आपके जीवन की गुणवत्ता इस पर निर्भर करती है कि आप अपने भीतर कितने शांत और खुश (calm and happy) हैं।

निश्चित रूप से जिसे भोजन (who don’t have food) नहीं मिलता और जिसके पास जीवित रहने के लिए जरूरी बुनियादी चीजों की(lack of basic things) कमी है, वह शारीरिक रूप से बहुत कष्ट (feeling pain physically) में होगा। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। ऐसे लोगों के लिए हमें उन बुनियादी चीजों की व्यवस्था करनी होगी। मगर बाकियों के लिए, उनकी जरूरतें एक अंतहीन (endless list) सूची है। आपको लगता है कि कार चला (driving car) रहा आदमी सड़क पर पैदल (walking on road) चल रहे आदमी से ज्यादा खुश है? नहीं। आपके पास क्या है, उससे यह तय नहीं होता। यह इस पर निर्भर (depends) करता है कि वे उस समय कैसा महसूस (feel) कर रहे हैं।

  1. दूसरों से तुलना करना छोड़ दें :- Stop comparing with others

ज्यादातर लोग (mostly people) इसलिए दुखी नहीं होते क्योंकि उनके पास किसी चीज की कमी होती है। वे दुखी इसलिए होते हैं क्योंकि वे खुद की तुलना (comparison with some other person) किसी और से करते हैं। आप एक मोटरबाइक (motorbike) चला रहे हैं, आप किसी को मर्सिडीज (Mercedes) चलाते देखते हैं और खुद को दुखी कर लेते हैं। साइकिल (cycle) पर चलने वाला कोई व्यक्ति आपको मोटरबाइक (motorcycle) पर देखता है और यह उसके लिए लिमोसीन है। पैदल चलता कोई व्यक्ति साइकिल को देखकर सोचता है, ‘अरे वाह, अगर मेरे पास सिर्फ यह साइकिल होती, तो मैं अपनी जिंदगी में क्या-क्या कर लेता।’ यह एक बेवकूफाना खेल है जो चलता रहता है।

जो लोग खुश रहने के लिए बाहरी हालात पर निर्भर (depends on outer situation) रहते हैं, वे कभी अपनी जिंदगी में सच्ची खुशी नहीं महसूस (feel) कर पाएंगे। निश्चित रूप से अब समय है कि हम अपने अंदर झांकें (see yourself from inside) और देखें कि हम किस तरह खुशहाली में रह सकते हैं। जीवन के अपने अनुभव (experience)  से आप साफ-साफ देख सकते हैं कि सच्ची खुशी आपको तभी मिलती है, जब आपके अंतर्मन में बदलाव (change in your innerside) आता है। जब आप खुश होने के लिए बाहरी स्थितियों पर निर्भर होते हैं, तो आपको समझना चाहिए कि बाहरी हालात कभी भी सौ फीसदी आपके अनुकूल (not as per your comfort always) नहीं होते। जब यह हकीकत है, तो कम से कम इस एक इंसान (one person)– यानि कि आप – को उस तरह रहना चाहिए, जैसे आप रहना चाहते हैं। अगर आप अपने अंदर उस तरह होते हैं, जिस रूप में आप खुद को रखना (you want to live yourself) चाहते हैं, तो आप कुदरती (naturally) तौर पर खुश होंगे। यह कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे आपको खोजना (search) पड़े। अगर आप अपनी मूल प्रकृति (go back to your basic nature) में वापस चले जाते हैं, तो आप सिर्फ खुश ही रहेंगे।

आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू उपचार, natural healing in hindi, household remedies in hindi,obsessive compulsive disorder, cognitive behavioral therapy, dissociative identity disorder

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *