Yeh 9 kaam nahi karne chahiye cesarean delivery ke baad

यह 9 काम नहीं करने चाहिए महिलाओं को सीजेरियन डिलीवरी के बाद | Yeh 9 kaam nahi karne chahiye cesarean delivery ke baad

Pregnancy Ke Nuskhe Womens/ Ladies Problems ke Nuskhe

यह 9 काम नहीं करने चाहिए महिलाओं को सीजेरियन डिलीवरी के बाद | Yeh 9 kaam nahi karne chahiye cesarean delivery ke baad

हर मां के लिए बच्‍चे का जन्‍म सुखद अनुभवों (best feelings and experience of life) में से एक होता है। लेकिन बच्‍चे के जन्‍म की प्रक्रिया इतनी जटिल होती है (it’s a difficult process) कि मां को अपार कष्‍टों का सामना (mother has to feel so many problems) करना पड़ता है।

बच्‍चे के गर्भ में आने से लेकर उसके जन्‍म लेने तक की नौ माह की अवधि (in that 9 months periods) में मां के शरीर में कई भावनात्‍मक (emotional), शारीरिक (physical) और मानसिक परिवर्तन (mental changes)आते हैं। बच्‍चों के जन्‍म लेने की प्रक्रिया दो प्रकार (2 types of process) की होती है- प्राकृतिक प्रसव (normal) या सीजेरियन (cesarean) प्रसव।

इन दिनों की तंग जीवनशैली (tight lifestyle) के कारण महिलाओं को अक्‍सर सीजेरियन कर दिया जाता है क्‍योंकि उनका शरीर सामान्‍य प्रसव के लिए सहयोग नहीं (body cant hold normal delivery) कर पाता है। ऑपरेशन से बच्‍चे का जन्‍म होने के बाद मां के शरीर को विशेष आराम और देखभाल (mother need special rest and care) की जरूरत होती है। अगर किसी स्‍त्री का प्रसव अप्राकृतिक (unnatural) रूप से किया गया है तो उसे निम्‍न बातों का विशेष ध्‍यान (keep in mind these things) रखना चाहिए।

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  1. पेट पर जोर डालने वाले काम न करें: सीजेरियन प्रसव के बाद महिला को ऐसे काम कतई नहीं (have not to do those works) करना चाहिए, जिससे पेट पर जोर (which put stress on stomach) पडे, अन्‍यथा टांकों के फूलने या सूजने का डर (fear of swelling in stitches) रहता है। कई बार टांके टूट भी जाते (sometime stitches can break) हैं और भयानक दर्द (immense pain) होती है।
  1. ज्‍यादा वजन न उठाना: ऑपरेशन से प्रसव के बाद भारी वजन उठाना मना (avoid heavy weight work) होता है। शुरूआत के दो महीने में (atleast for first 2-3 months) बिल्‍कुल भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अन्‍यथा ब्‍लीडिंग (or it can bleed) हो सकती है।
  1. डिहाईड्रेशन से बचें: नई मां को ऐसे पोषक तत्‍व (nutritious) व पेय पदार्थ (liquid diet) लेने चाहिए ताकि उसे डिहाईड्रेशन (dehydration) न होने पाएं। इस अवस्‍था में कब्‍ज की समस्‍या (problem of constipation) भी होती है जिसका निदान पानी को पर्याप्‍त मात्रा में पीने (drink more water) और फाइबर युक्‍त आहार (take fiber in diet) का सेवन करने से संभव है।
  1. सीढियों से दूरी रखें: ऑपरेशन के बाद से सीढियों पर चढ़ना (avoid walking on stairs after operation) शुरू न कर दें। इससे पेट पर जोर पड़ता है (it put stress on stomach) और महिला को काफी थकान भी हो जाती है। कई बार सीढि़यों को चढ़ने पर ब्‍लीडिंग (sometimes it can bleed) भी हो जाती है।CLICK HERE TO READ: जरूर आजमाए कुछ नुस्खे गहरी नींद के लिएCLICK HERE TO READ: जानिये लड़कियों की इसी आदत पर आखिर क्यों मरते हैं लड़के
  1. सेक्‍स करने से बचें: सीजेरियन प्रसव होने के आधे महीने तक कम से कम सेक्‍स (avoid sex for sometime) न करें। अन्‍यथा गर्भाशय में समस्‍या हो सकती है (or it can cause problem in ) और समस्‍या खड़ी हो सकती है।
  1. खांसी व सर्दी-जुकाम से बचें: सीजेरियन प्रसव के बाद सर्दी-जुकाम से अपना बचाव (take care of yourself in cough and cold) करें और संक्रमण से बचकर (stay away from infection) रहें। खांसी आदि भी जोर आने पर नियंत्रण रखें और हल्‍के से खांसे ताकि टांकों पर जोर न पडेे।
  1. तेल मसाला न खाएं: ऑपरेशन से प्रसव (birth from operation) होने के बाद तली भूनी चीजों से दूरी बनाकर रखें (Avoid fried and spicy food) और उनका सेवन कतई न करें। इससे रिकवरी होने में समस्‍या (it gives problem in recovery) होती है।
  1. देर तक न नहाएं: सीजेरियन प्रसव होने के बाद देर तक न नहाएं। इससे संक्रमण (it gives infection) हो सकता है। थोड़ी देर तक नहाएं या वाइप्‍स का इस्‍तेमाल करें।
  1. बुखार से बचें: ऐसे स्‍थानों पर न जाएं जहां कोई बीमार हो या संक्रमण फैला हो। बुखार महसूस होने पर डॉक्‍टर से सम्‍पर्क (contact the doctor) करें। घाव (injury) आदि होने पर शीघ्र उपचार (sudden treatment) करें।

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