यह 7 कारण हो सकते है महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क में खून आने के | Yeh 7 kaaran ho sakte hai ladies ke breast milk mein khoon aane ke

Womens/ Ladies Problems ke Nuskhe

यह 7 कारण हो सकते है महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क में खून आने के | Yeh 7 kaaran ho sakte hai ladies ke breast milk mein khoon aane ke

ब्रेस्ट मिल्क बच्चों के लिए सबसे अच्छा (breast milk is good for babies) होता है। यह बच्चों की वृद्धि के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्रदान (provides all nutrition’s) करता है। परन्तु कभी कभी ऐसे मामले भी सामने आते हैं जब ब्रेस्ट मिल्क में कुछ असामान्यता नज़र आती है। ऐसी ही एक असामान्यता है ब्रेस्ट मिल्क में खून (bleeding in breast milk) आना। ऐसा होने पर बहुत अधिक चिंता न (no need to worry) करें। यह सामान्य रूप से उन महिलाओं में पाया जाता है जो अपने पहले बच्चे को स्तनपान (feed her 1st baby) करवाती हैं। सामान्यत: ब्रेस्ट मिल्क में उपस्थित रक्त पर इतना ध्यान नहीं जाता क्योंकि यह बहुत ही कम मात्रा में आता है।

ऐसा देखा जाता है कि ब्रेस्ट मिल्क का रंग बदलता रहता है जैसे गुलाबी (pink), नारंगी (orange) या भूरा (brown)। रंग में फर्क केवल तभी दिखता है जब आप दूध पम्प करती हैं या बच्चा दूध बाहर निकालता है। उस समय आप बहुत अधिक डर जाती हैं (you might fear a lot) परन्तु घबराएं नहीं, यह बहुत आम बात है। यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श करें (always consult your doctor) कि ऐसी स्थिति में आप अपने बच्चे को स्तनपान करवा सकती हैं अथवा नहीं। अधिकाँश मामलों में आप अपने बच्चे के स्तनपान को जारी (most of the time you can continue breast feeding) रख सकती हैं। उचित इलाज (proper treatment) से आप मूल कारण तक पहुँच कर उसे ठीक कर सकती हैं ताकि आपको आराम महसूस (feeling comfortable) हो।

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यहाँ इस लेख में हम ब्रेस्ट मिल्क में खून आने के 7 कारण बता रहे हैं: We are writing in this post about blood in breast milk

  1. क्रेक्ड निप्पल्स – Cracked Nipples- क्रेक्ड निप्पल्स या निप्पल्स में घाव होने से भी ब्रेस्ट मिल्क में खून आता है। निप्पल्स कैसे क्रेक होते हैं? सामान्यत: ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) बच्चे तथा मां दोनों के लिए असुविधाजनक (not uncomfortable for both) नहीं होता। परन्तु यदि बच्चा ठीक तरह से पकड़ता नहीं है तो निप्पल्स क्रेक हो जाते हैं और इनमें दर्द होता है (sometimes its painful) जिसके कारण कई बार इनमें से खून भी आने लगता है।
  1. रस्टी पाइप सिंड्रोम – Rusty Pipe Syndrome- जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि रस्टी पाइप सिंड्रोम रस्टी पाइप से आने वाले पानी के रंग के बदलने (changing color) जैसा ही है। उसी प्रकार दूध का रंग भी भूरा या लाल (brown or red) हो जाता है। यह केवल तभी दिखाई देता है जब आप दूध पम्प करती हैं (whenever you pump the milk) या बच्चा दूध निकालता है। यह केवल कुछ दिनों तक ही रहता है और पहले प्रसव के समय अक्सर यह समस्या देखी जाती है।
  1. ब्रोकन या डेमेज्ड केपिलरीज़ (केशिकाएं) – Broken or damaged tissues- कभी कभी ब्रेस्ट में उपस्थित छोटी रक्त केशिकाएं ख़राब (small blood tissues damaged) हो जाते हैं या टूट जाती हैं। सामान्यत: यह तब होता है जब दूध की एक्स्प्रेसिंग की जाती हैं। एक्स्प्रेसिंग से तात्पर्य है बिना ब्रेस्टफीडिंग के पम्प द्वारा या हाथ की सहायता से दूध (pumping milk with the help of hand) निकालना। अत: इस बात का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि दूध निकालते समय रक्त केशिकाओं को कोई नुकसान न पहुंचे।
  1. इंट्राडक्टल पेपिलोमा -Intraductal Peploma- कई महिलाओं के दूध के कोशों की लाइनिंग में ट्यूमर छोटा सा ट्यूमर (small tumor) होता है। इसके कारण ब्लीडिंग हो सकती है और यह प्रवाह ब्रेस्ट मिल्क (this flow mix in breast milk) में जाकर मिल जाता है। सामान्यत: आपके निप्पल के पीछे या उसके बगल में एक छोटी सी गाँठ होती है। डॉक्टर से परामर्श (consult the doctor about this) करें कि यह गांठ घटक तो नहीं है।
  1. मस्तितिस – मस्तिसिस ब्रेस्टफीडिंग के दौरान होने वाला एक प्रकार का संक्रमण (its a type of infection) है। यह तब होता है जब बच्चा ठीक तरह से स्तन नहीं पकड़ता या बच्चा स्तनपान नहीं करता। ऐसे मामले में स्तनपान करवाते समय समय आपको खून मिला हुआ दूध दिख सकता है।यह भी पढ़ें :- जानिये आयुर्वेद के द्वारा मस्तिष् की शक्ति बढ़ाने के नुस्खे
  1. फिब्रोसिस्टिक – Fribosystic- ब्रेस्ट यह सामान्यत: 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में देखा जाता है। इसमें एक या दोनों ब्रेस्ट में गाँठ (knot in breast) आती है। अत: ऐसी महिलायें जिन्होनें 30 वर्ष की उम्र के बाद पहले बच्चे को जन्म दिया है उनके ब्रेस्ट मिल्क में खून आ सकता है। अच्छा होगा कि आप डॉक्टर से परामर्श (its better to consult the doctor soon) करें।

      7. पगेट्स डिज़ीज़ – Puggets Disease- ब्रेस्ट या निप्पल में होने वाली पगेट्स डिज़ीज़ बहुत ही असामान्य स्थिति है (abnormal situation) जो केवल 2 प्रतिशत महिलाओं में ही देखने को मिलती है। इस प्रकार की स्थिति में ब्रेस्ट मिल्क में खून आता है। यह बहुत ही दुर्लभ स्थिति (very rare situation) होती है। ब्रेस्ट मिल्क में खून आने के ये कई कारण हैं। यदि इसके कारण आपको कोई असुविधा हो तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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