आयुर्वेद से सर्दियों में ऐसे बढ़ाएं आपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता | Ayurved se sardiyo mein aise badaye apne shareer ki pratirodhak kshamta

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आयुर्वेद से सर्दियों में ऐसे बढ़ाएं आपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता | Ayurved se sardiyo mein aise badaye apne shareer ki pratirodhak kshamta

कई बार आप भीतर से बिलकुल स्वस्थ महसूस (feeling healthy) कर रहे होते हैं लेकिन थकान के कारण आपकी पूरी शक्ति ख़त्म (finishes whole energy) हो जाती है. इसका मतलब है कि आपके शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर (weak immune system) है.

आयुर्वेद के अनुसार यदि आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम है तो आपके शरीर में जहरीले पदार्थ (toxic liquid – अमा) बढ़ने की सम्भावना अधिक (more possibility) हो जाती है.

अतः बहुत ज़रूरी है कि आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए कुछ ज़रूरी कदम (take some strong steps) उठायें. इस लेख में हम आपको आयुर्वेद से जुड़े कुछ तरीके बताएँगे (tips and tricks from ayurveda) जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढाने में मदद (help to strengthen you) करेंगे. आयुर्वेद के अनुसार प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे ज़रूरी है सही (right way of eating) खान-पान.

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यहां आप कुछ तरीके जान सकते हैं जिनसे आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं. आयुर्वेद में प्रतिरोधक क्षमता को ‘ओजस’ (ojas) कहा जाता है. और यह हमारे शरीर की रक्षा करने के लिए बहुत ही आवश्यक (important for good healthy body) माना जाता है.

साथ ही अमा यानि हानिकारक पदार्थों को शरीर से बहार करना भी आपकी प्रतिरिधक क्षमता के लिए बहुत आवश्यक है. प्रत्येक मौसम में शरीर अलग तरह से व्यव्हार (body behaves different in every season) करता है और गर्मियों से सर्दी की ओर बदलते मौसम का आपके पाचन तंत्र (जठराग्नि) पर बहुत गहरा असर (strong effect on digestion system) पड़ सकता है.

आपको अपने खान-पान और पूरे स्वास्थ का ख़ास ध्यान रखने की (important care) आवश्यकता है, ताकि बदलते मौसम की वजह से आप बीमारियों को न्योता (dont give invitation to bad health) ना दे बैठें.

सबसे अच्छा तरीका है वर्षों पुराने आयुर्वेद का पालन. आयुर्वेद के अनुसार सर्दियाँ आपके शरीर को तंदरुस्त (winters are good for making body healthy) बनाने के लिए सबसे अच्छा समय है.

शरीर के बेहतर मेटाबोलिज्म (better metabolism) और आयु बढाने के लिए आयुर्वेद सबसे बेहतरीन तरीका है. जानिये कैसे आप आयुर्वेद से अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं.

  1. जीर्णोद्धार करने वाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ:

इन जड़ीबूटियों (herbs) में अश्वगंधा, आवंला, तुलसी, त्रिफला जैसी बूटियाँ होती हैं. इनको चवनप्राश (chayawanprash) अथवा चाय के रूप में लिया जा सकता है. इन बूटियों से शरीर में एंटीबॉडी (antibody) बनती हैं जिससे आपका प्रतिरोध तंत्र मज़बूत (strong Resistance Mechanism) होता है.

  1. तेल डालकर गुनगुने पानी से स्नान:

आयुर्वेद के अनुसार प्रतिरोधक क्षमता बढाने का एक और तरीका सुबह गुनगुने पानी (bath with warm water) से स्नान है. इस पानी में आप चाहें तो सुगन्धित तेल (scented oil) जैसे चमेली, गुलाब या तुलसी का तेल इत्यादि डाल सकते हैं

  1. सुबह गुनगुने तेल से मालिश:

सुबह नहाने से पहले गुनगुने तेल से अपनी मालिश (massage before bath) करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. सूरजमुखी, तिल अथवा सरसों के तेल से सुबह मालिश करने से मासपेशियाँ मज़बूत (Strong muscles) होती हैं. साथ ही खून का संचार (blood circulation) भी बढ़ता है.

  1. खाने में मसालों का प्रयोग:

भोजन में हमेशा प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले मसालों का प्रयोग करना चाहिए. जीरा, हल्दी, धनिया, अदरक और काली मिर्च जैसे मसाले खाने में रोज़ (add these masalas in daily routine food) प्रयोग करने चाहिए. इनसे आप साधारण सर्दी जुखाम (cough cold), और कीटाणुओं (germs) से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं.

  1. गरम खाना खाएं:

हल्का और गरम भोजन सर्दियों में आपके पाचन तंत्र (digestion system) और प्रतिरोधक क्षमता (immune system) बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी है. गरम भोजन कीटाणुओं से लड़ने में मदद (helps fight with infection) करता है.

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  1. ठंडा भोजन अथवा पेय पदार्थ ना लें:

सर्दियों में ठंडा भोजन आपके पाचन जूस को कम (reduces digestion system juice) करता है जिससे पेट में कीटाणु पनपने की सम्भावना होती है. अतः उससे परहेज़ (better to avoid) करना ही बेहतर है.

  1. डिब्बाबंद और तले भोजन से परहेज करें:

सर्दियों में ज़रूरी है कि आप अपनी जीभ पर थोड़ा सा नियंत्रण (control on your tongue) करें. तले और डिब्बाबंद भोजन (fried and packed food) से शरीर में ‘अमा’ एकत्रित हो सकता है.

  1. भरपूर नींद लें:

आयुर्वेद में भरपूर नींद को स्वास्थ (good sleep is more important) के लिए बहुत आवश्यक बताया गया है. सर्दियों में खूब सारी नींद लेना आपको कीटाणुओं से लड़ने में मदद करता है और आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढाता है. इससे आपका शारीरिक और मानसिक तनाव भी कम (reduces mentally and physically stress) होता है.

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