ध्यान रखे ज्यादा गर्मी से भी हो सकती है किडनी में पथरी | Dhyaan rakhe jjyada garmi se bhi ho sakti hai kidney mein patthri- Stone

ध्यान रखे ज्यादा गर्मी से भी हो सकती है किडनी में पथरी | Dhyaan rakhe jjyada garmi se bhi ho sakti hai kidney mein patthri- Stone

 

हम सभी लोग आज गुर्दे में पथरी की बिमारी से परिचित हैं (known of this problem) जो कि हर आयु वर्ग के लोगों के बीच दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है (this problem increases day by day) और इसको कष्टदायी मूत्र संबंधी (urine related problem- यूरोलोजिकल) समस्या माना जाता है। लेकिन कोई भी इसको तापमान में वृद्धि से संबद्ध करने की सोच भी नहीं सकता। अन्य कारणों के अलावा पानी की कमी (lack of water), जो तापमान में वृद्धि के कारण बढ़ जाती है, भी गुर्दे में पथरी का कारण हो सकती है। ऐसा इसलिये होता है जब पसीने द्वारा पानी की कमी को पूरा करने के लिये लोग आवश्यक मात्रा में पानी नहीं पीते (drink more water than needed) हैं। पानी की कमी की वजह से मुत्र की सघनता बढ़ जाती है। जिससे गुर्दे में पथरी बनने का खतरा (increase the danger) बढ़ जाता है।

स्पष्टतयाः गर्मी में ताप मान बढ़ने की वजह से गुर्दे की पथरी के मरीजों की संख्या ज्यादा होगी। संख्या में बढ¨त्तरी लगभग 30 प्रतिशत तक हो सकती है। वातावरण (atmosphere), तापमान (temperature) , और नमी (moisture) मूत्र संबंधी पथरी में वृद्धि के लिए महत्वपूण कारण हैं। जब लोग कम तापमान के क्षेत्र से अधिक तापमान के क्षेत्र में जाते हैं तो पथरी के खतरे में तीव्र वृद्धि (sudden growth) देखी गयी है। क्षेत्रों के तापमान में असमानता को भौगोलिक अंतर (geographic difference) के लिये उत्तरदायी ठहराया जाता है जो कि पथरी की बीमारी का एक कारण होती है। पथरी के अधिकतर मरीज 25-45 आयु वर्ग के बीच में हैं।

CLICK HERE TO READ: जानिये के आखिर शरीर की नसों में दर्द होने का मतलब क्या है

CLICK HERE TO READ: जानिये गन्ने के रस के फायदे, Jaaniye ganne ke ras ke faayde

SEMrush

महिलाओं के मुकाबले पुरूषों में इस रोग की संक्रामकता (infection) 3 गुना ज्यादा होती है। बच्चे भी प्रभवित (children can be effect from this too) हो सकते हैं। 25 प्रतिशत मरीजों की पथरी की बिमारी अनुवांशिक होती हैं। मूत्र में घुले हुये खनिजों के जमा होने की स्थिति गुर्दे की पथरी को बनाती है। कम मात्रा में मूत्र का होना, तरल पदार्थों को कम पीना (taking less liquid diet) और पानी की अत्यन्त कमी इस स्थिति के बढ़ने के कारण हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, देश के सूखे हिस्सों (dry areas) मे पथरी की बीमारी में बढ¨त्तरी देखी जाती है।

गर्मी में होने वाली पानी की भरपाई के लिये प्रचुर मात्रा में पानी पीना उपयुक्त (drinking more water in summer is good) है। जो लोग गर्म वातावरण (hot atmosphere) में कार्य करते हैं या उनके कार्य ऐसे हैं जो ज्यादा पानी नहीं पी पाते हैं, ऐसे लोगो में पथरी बनने की ज्यादा संभावना (more possibilities) होती है। कम पानी पीने या अत्यधिक पसीने की वजह से मूत्र में यूरिक एसिड (uric acid), आक्सलेट और कैलसियम (calcium) बन जाता है जो पथरी बनने के लिये जिम्मेदार (responsible) कारण हैं। 90-95 प्रतिशत तक पथरी कैलसियम आक्सलेट (Calcium oxalate) से बनी होती है।

पानी एक बार में नहीं पीना चाहिये। इसे दिन भर में 7-8 घंटो में बांटना चाहिये। अमूमन एक घंटे में एक गिलास पानी पीना (drink one glass of water per hour) चाहिये। काफी मात्रा में तरल पदार्थों के अलावा भोजन में प्रोटीन (protein), सोडियम (sodium), फॉस्फोरस (phosphorus) और कैफीन (caffeine) की संयमित मात्रा गुर्दे की पथरी को होने से रोकती है। निश्चित दवाइयां जैसे आईब्रूफेन, मॉर्टिन और अलीव, जो गुर्दों में विकारों को बढ़ाती हैं के प्रयोग (Avoid these types of medicine tests) से बचना चाहिये।

ऐसी सामान्य धारणा है कि बीयर गुर्दे की पथरी को गला (kidney stone can be melt by drinking beer is a myth) देती है जबकि हकीकत में बीयर, आक्स्लेट और यूरिक एसिड का बड़ा स्त्रोत है जिससे पथरी बनने में बढ़ावा (increase the stone) मिलता है।  तापमान में वृद्धि होने से किडनी में पथरी की संभावना (possibilities increases) बढ़ती है। ताप मान में बढ¨त्तरी की वजह से पानी की कमी बढ़ जाती है जिसके कारण गुर्दे में पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। विशेषरुप से वातावरण में परिवर्तन की (climate/ atmosphere change is one of the big reasons) वजह से ताप मान में 5-7 डिग्री की वृद्धि गुर्दे की पथरी की समस्या को 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। हम हमेशा जनता तक आधारभतू जानकारी (trying our best to share basic knowledge with peoples) पहुंचाने के लिये प्रयत्नशील रहते हैं, जिससे हर कोई अच्छी सेहत (anyone can enjoy healthy life) का आनंद उठा सके।

gharelu nuskhe, dadi maa ke nuskhe, desi nuskhe, dadi maa ke nuskhe in hindi,gharelu nukshe in hindi

Loading...

Loading...
, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *