प्रेगनेंसी में मार्निंग सिकनेस लगने पर आजमाएं यह नुस्खे | Pregnancy mein morning sickness lagne par aazmayein yeh nuskhe.

प्रेगनेंसी में मार्निंग सिकनेस लगने पर आजमाएं यह नुस्खे | Pregnancy mein morning sickness lagne par aazmayein yeh nuskhe.

 

अगर आपको सुबह के समय उल्टी आती है (vomiting in the morning) और आप इस लक्षण का सामना नहीं कर पा रहे हैं, तो यहाँ कुछ उपाय दिए जा रहे हैं जो आप अपने शिशु रोग विशेषग्य (after consulting the doctor) से बात करने के बाद अपना सकते हैं.

गर्भधारण के पहले चरण में, सुबह में बहुत परेशानी (too much problem) होती है क्यूंकि सुबह से दोपहर तक उल्टी आती है और मन मिचलाता है पर कुछ औरतों में यह लक्षण काफी दिनों तक रहता है। अगर साधारण शब्दों (simple words) में बात करें तो सुबह में तबियत खराब उल्टी या मन मिचलाने से ही होता है जो पहली तिमाही (1st to 3rd month) तक ज्यादा रहता है।

कुछ लोगों में यह लक्षण गर्भावस्था के 4 महीने बाद देखने को मिलता है। गर्भावस्‍था के पहले सप्‍ताह में दिखाई देते हैं ये 8 लक्षण इस अवस्था से गुजरने के लिए अपनी डॉक्टर से मिलें और सलाह लें।

यह भी पढ़ें :- सिरदर्द से निपटने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे

और यहाँ पर आपकी मदद करने के लिए कुछ और उपाय बताये गए हैं।

उपाय 1 – अदरक का इस्तमाल (use ginger) करें। अदरक प्राकृतिक तरीके (natural way) से उल्टी का उपचार (treatment) करता है। अदरक वाली चाय पीयें और घीसे अदरक को दिन में तीन या चार बार चबाएं (chew)।

उपाय 2 – नीम्बू को हर घंटे कुछ समय के लिए सूंघे (smell the lemon) अगर आपको उल्टी जैसा लग रहा हो। इससे आपको सामान्य महसूस (feeling comfortable/normal) होगा।

उपाय 3 – सब्जियों में फाइबर (fiber) और एंटी ऑक्सीडेंट (anti oxidant) दोनों होते हैं। अपने डॉक्टर से पूछ कर ऐसी सब्जियों की लिस्ट बना लें (get a list of vegetables to eat in pregnancy from your doctor) जो आप खा सकते हों और इन्हें अपने खाने में शामिल करें।

उपाय 4  –  तरबूज, नीम्बू, संतरा (orange), सेब (apple), कीवी और बेर रोज़ खाएं ताकि आपके शरीर में विटामिन (vitamin), फाइबर (fiber) जाए और पानी (water) बढ़े।

उपाय 5  – रोज़ सूप पीयें (drink soup daily)। अगर आप साग सब्जी खाते हैं तो आप शाकाहारी जूस पी (vegetable juice) सकते हैं और अगर आप मांसाहारी हैं तो आप हड्डी का सूप (bones soup or kharoda soup) पी सकते हैं।

यह भी पढ़ें :- जानिये टाइफाइड बुखार से बचाव के लिए 10 घरेलू इलाज | टाइफाइड के 10 आयुर्वेदिक उपचार

उपाय 6  – आर्गेनिक डेरी (organic diary products) का सेवन करें जिससे आपको मग्नीसियम (magnesium), पोटासियम (potassium) और प्रोटीन (protein) मिलेगा।

उपाय 7  –  खाने में नारियल तेल (coconut oil), ऑलिव आयल  (olive oil), अवोकेडो (avocado), बीज (seeds) और बादाम (almonds) को शामिल करें।

उपाय 8  –  कभी किसी समय का खाना (dont skip meal on time) न छोड़ें। अगर एक बार में ज़्यादा नहीं तो दो तीन बार में थोड़ा थोड़ा खाएं। कभी अपने आप को भूखा न रखें। भरपूर मात्रा में पानी पीयें (drink plenty of water) और कभी कभी चाय पीयें (drink tea occasionally or very rare)।

आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू उपचार, आयुर्वेदिक उपचार, दादी माँ के नुस्खे , घरेलू नुस्खे

, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *