रीढ़ की हड्डी संबंधी बीमारी में इलाज से बेहतर है रोकथाम, जानिये कैसे | Jaaniye back bone ki problem mein roktham ilaaj se behtar kyon hai

रीढ़ की हड्डी संबंधी बीमारी में इलाज से बेहतर है रोकथाम, जानिये कैसे | Jaaniye back bone ki problem mein roktham ilaaj se behtar kyon hai

 

हम में से अधिकांश लोग पीठ दर्द से पीड़ित (suffering from back pain) होते हैं, जो गलत मुद्रा में रहने, वर्कआउट (workout) के दौरान मांसपेशियों की चोट या मोच या फिर अचानक बैठने, झुकने (bend) या खड़े होने (standing) की वजह से हो सकता है। ज्यादातर मामलों में देखा जाता है कि जब किसी को कमर  दर्द होता है तो वह इंसान थोड़े दिनों के लिए आराम करता है और फिर वापस से काम पर चला जाता है। अब ये दर्द आराम करने से चला तो जाता है लेकिन लोगों को नहीं पता होता कि यह दर्द (pain can come back again any time) दोबारा लौटकर आ सकता है। ये दर्द गलत मुद्रा में बैठने (sitting in weak posture) तथा कमर के कमजोर होने पर और भी बुरा हो जाता है। इसका मतलब तो यह हुआ कि लोग दर्द के दोबारा लौट आने का इंतजार (people are waiting for the pain) ही करते हैं। ज्यादा समय तक लाइलाज रहने या स्थिति के गंभीर (serious situation) हो जाने पर दर्द बहुत ज्यादा हो जाता है और कमर व पैर में लगातार रहने लग सकता है। तो भला इस से बचाव बेहतर है या इलाज? यकीनन इससे बचाव ही ज्यादा बेहतर होगा। तो चलिये विस्तार से इस विषय पर बात करते हैं (lets talk about this topic in detail) और जानते हैं कि खासतौर पर रीढ़ की हड्डी संबंधी विकारों (especially about back bone related problems) में इलाज से बेहतर क्यों है रोकथाम।    

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पुराने पीठ दर्द के लिए उपचार के क्या विकल्प उपलब्ध हैं? | Any option for old back pain ?

पुराने पीठ दर्द की समस्या का इलाज यदि लंबे समय तक न किया जाए तो यह एक गंभीर और कठीन प्रक्रिया (serious and difficult problem) बन जाती है। डॉक्टरों के पास भी  लगभग 46 प्रतिशत लोग तीव्र समस्या वाले तथा 56 प्रतिशत पुरानी समस्या वाले होते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि लोग तब अपनी पीठ दर्द की समस्या का इलाज कराने आते हैं, जब वह गंभीर (people goes to doctor when it become real serious) हो जाती है।

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पीठ दर्द वाले लोगों को किस तरह की डाइट का पालन करना चाहिए? Which type of diet tip have to follow by the back pain patients

पीठ दर्द वाले लोगों को विटामिन बी 12 तथा बी 3 की पर्याप्त मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह (suggest you to add in your diet) दी जाती है। विटामिन बी 12 तंत्रिका और चयापचय स्वास्थ्य को बनाए रखता है तथा विटामिन बी 3 हड्डियों के स्वास्थ्य (healthy bones) के रखरखाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका (important role) निभाता है। लोग विटामिन बी 12 को दूध (milk), मछली (fish)और दही (curd) जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं सुबह सुबह-सुबह सूरज के संपर्क में रहने से, विटामिन डी 3 की दैनिक आवश्यकता पूरी (daily needs completed) हो जाती है। इसके अलावा पीठ दर्द से पीड़ित लोगों को मशरूम (mushroom), अंडे (eggs) और बी कॉम्प्लेक्स विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने चाहिए।

क्या पीठ दर्द से पीड़ित लोग व्यायाम कर सकते हैं? Does the back pain patients can do exercise or yoga?

व्यायाम मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में सुधार (exercise improves the muscles working) करता है और शरीर में रक्त के समुचित प्रवाह को बढ़ाता है। लेकिन कमर दर्द की स्थिति में कौंन सा व्यायाम किया जाए, इसके लिए एक्सपर्ट से सलाह (ask expert about exercise) जरूर लें। व्यायाम के इलावा ऐसे में कुछ योग आसान जैसे, उत्तानासन, पश्चिमोत्तानासन तथा भुजंगासन आदि भी कर सकते हैं।   

पुराने पीठ दर्द को कैसे रोकें? How to stop old back pain problem?

पीठ दर्द का इसकी प्रारंभिक अवस्था में इलाज कर दिया जाता है, तो यह क्रोनिक (chronic) नहीं बनता है। ऐसा अपनी मुद्रा में सुधार कर, मांसपेशियों को मजबूत बनाने के व्यायाम कर, लंबे समय तक के लिए आराम और ध्यान से अपने दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों (activities) को कर किया जा सकता है।

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