जानिये कैंसर के लक्षण एवं घरेलु देसी नुस्खे | Jaaniye cancer ke lakshan evam gharelu desi nuskhe

Cancer ke Nuskhe

जानिये कैंसर के लक्षण एवं घरेलु देसी नुस्खे | Jaaniye cancer ke lakshan evam gharelu desi nuskhe

 

कैंसर के विषय में यह कहना मुश्किल (difficult) है कि यह किस कारण (reason) से होता है। यह एक ऐसा भयानक रोग (dangerous disease) है जिसकी चिकित्सा लगभग असाध्य है। दवाओं से इस रोग पर कुछ हद तक काबू (control) पाया जा सकता है, किंतु ज्यादातर मामलों में इसे जड़ से खत्म करना बड़ा मुश्किल होता है। कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में शरीर के किसी अंग में साधारण सी गांठ बन जाती है, जिसके बारे में आभास तक नहीं हो पाता। इस रोग की परीक्षा आधुनिक यंत्रों (instruments) तथा रासायनिक परीक्षण दुवारा कि जाती हैं | यह बच्चों से लेकर वृद्धों तक किसी को भी हो सकता ह।

लक्षण – Symptoms

कैंसर में शरीर (body) में रक्ताणुओं की कमी हो जाती है। कोई भी गांठ देर तक ठीक नहीं होती। कमजोरी (weakness) व बेचैनी बढ़ जाती है। यह रोग गला, जीभ (tongue), स्तन, गर्भाशय, जबडे, तालू, होंठ, गाल (cheeks), रक्त, अन्ननलिका, अंडकोश, स्त्री जननेंद्रिय, मस्तिष्क (brain) आदि शरीर के किसी भी अंग (any body part) में हो सकता है।

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कैंसर का उपचार – Treatment of cancer

1. अंगूरः कैंसर के रोगियों के लिए अंगूर बेहद उपयोगी (grape is very helpful) व अमृत समान फल है। अंगूर से उपचार करने से पूर्व कैंसर के रोगी को तीन दिनों तक उपवास (fast) कराएं इसके पश्चात ही उसे अंगूर खिलाना प्रारंभ करें। एक दिन में दो किलो से अधिक अंगूर नहीं खिलाएं। कुछ दिनों पश्चात (after few days) पीने को छाछ दें। इसके अलावा कोई अन्य चीज खाने को न दें। इस उपचार से धीरे-धीरे अंगूर का रस लेने से पेटदर्द (stomach ache) या जलन (burn) हो सकती है। किंतु चिंता न करें, यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

2. गाजरः गाजर का रस (carrot juice) पीते रहने से कैंसर में लाभ होता है। विशेषकर ब्लड कैंसर (blood cancer) व पेट के कैंसर (stomach cancer) में यह ज्यादा लाभदायक है। 310 ग्राम गाजर के रस में 125 ग्राम पालक का रस मिलाकर प्रतिदिन नियमित रूप से पीने (drink it everyday) पर आशातीत लाभ होता है।

3. पथ्य-अपथ्यः कैंसर के रोगी को रोग की प्रारंभिक दशा (starting stage) में 6 माह तक चूल्हे (gas) पर पकाई भोजन सामग्री नहीं खानी चाहिए। प्रथम दो माह तक कैंसर के रोगी का आहार सिर्फ अंगूर ही होना चाहिए। इसके बाद अंगूर के साथ अन्य फलों का आहार भी किया जा सकता है। इसके पश्चात एक महीने तक अंगूर व फलाहार के अलावा टमाटर (tomato), संतरा, मौसमी, बादाम (almond) व काजू भी देने चाहिए। इसके बादवाले एक माह तक कुछ पका हुआ आहार दिया जा सकता है। इस अवधि में रोगी को पूरा आराम (complete rest) करना चाहिए।

कैंसरनाशक भोजन – Cancer killer food

अनेक शोधकार्यों (researches) के बाद पता चला है कि भोजन में पाया जानेवाला रसायन ‘बीटा केरोटीन’ कैंसर को नष्ट (finish) कर देता है। यह रसायन (chemical) साबुत दालों, पत्तागोभी, फूलगोभी, गाजर (carrot), नीबू (lemon) व मौसमी जैसे फलों में बहुतायत से पाया जाता है। अत: कैंसर के रोगियों को इन फलों व सब्जियों (fruit and vegetables) का व्यापक सेवन करना चाहिए।

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कैंसर उत्पादक भोजन – Food which creates cancer

शोध से यह भी पता चला है कि तलकर तैयार किया भोजन कैंसर उत्पन्न (fried food creates cancer) करता है। अनुसंधानों की रिपोर्ट के अनुसार जब भोजन को तला जाता है तो उसमें‘पायरोलाइसेट्स’ नामक रसायन उत्पन्न हो जाता है, जिससे कैंसर को बढ़ावा (growth in cancer) मिलता है। अत: चटपटा व तला भोजन अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। (avoid fried food)

“ यदि आपके शरीर में नीचे लिखे लक्षणों में से कोई भी मेल खाता हो तो 15 दिन के भीतर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें हो सकता है आपको कैंसर हो सकता है । “

1. निप्पल से रक्तस्राव (bleeding) होना।

2. ऐसा फोड़ा जो उपचार (treatment) के बाद भी ढीला न हुआ हो।

3. निगलने में कठिनाई (difficulty) हो |

4. लगातार खांसी (cough) या गले में खरखरापन हो।

5. 50 वर्ष की आयु में बंद होने के बाद पुनः मासिक धर्म शुरू हो गया  हो।

6. रक्तरंजित बदबूदार (smelly) श्वेत प्रदर का होना।

7. संभोग (sex) के पश्चात योनि से रक्तस्राव होना।

8. मस्से में प्रत्यक्ष परिवर्तन (change) हो।

9. स्तन या शरीर के किसी भी हिस्से (any body part) में गांठ हो।

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