वजन कम करने में सहायक है सूर्य मुद्रा- जानिये विधि एवं लाभ , Surya Mudra is Helpful in Loosing Weight
वजन कम करने में सहायक है सूर्य मुद्रा- जानिये विधि एवं लाभ , Surya Mudra is Helpful in Loosing Weight

वजन कम करने में सहायक है सूर्य मुद्रा- जानिये विधि एवं लाभ – Surya Mudra is Helpful in Loosing Weight

वजन कम करने में सहायक है सूर्य मुद्रा- जानिये विधि एवं लाभ – Surya Mudra is Helpful in Loosing Weight

योग के अंतर्गत हस्त मुद्रा (hasta mudra) का बहुत महत्व (very important) है| हस्त मुद्रा को कई लोग हस्त योगा (hasta yoga) के नाम से भी जानते है| आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन योग और प्राणायाम (pranayam) की तरह इन हस्त मुद्राओ को करने के भी कई (so many benefits) लाभ है| इसे करने से ना केवल शारारिक बल्कि मानसिक लाभ physical and mental benefits) भी मिलते है| इन मुद्राओ का नियमित अभ्यास (regular practice) करने से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक लाभ (benefits) पाया जा सकता है|

दरहसल हमारा शरीर इन पञ्च तत्वों (5 elements)– पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना हुआ हैं। जब भी शरीर (body) में इन तत्वों का असंतुलन (imbalance) होता है तो शरीर में कई तरह के रोग उत्पन्न (infection and diseases grows) हो जाते है| हस्त मुद्राओ द्वारा हम इन पांच तत्वों को नियंत्रण (can control them) में रख सकते हैं।

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हम आपको बताना चाहते (we want to tell you) है की यदि आप इन पांच तत्वों का संतुलन (balance) कर ले तो आपको किसी तरह का रोग (disease) नहीं होगा| और यदि आपको किसी तरह की बीमारी (infection) हो भी कई है तो हस्त योग मुद्राओ के चलते आप इन्हे फिर से संतुलित (can balance again) कर सकते है, और आरोग्यता (health) को वापिस पा सकते है|

हस्त मुद्राओ (hast mudra) के अंतर्गत कई मुद्राए आती है| शुन्य मुद्रा, वायु मुद्रा, पृथ्वी मुद्रा, जल मुद्रा आदि| हर एक मुद्रा का अपना अलग महत्व (every mudra has its own importance) होता है| इन्ही में से एक मुद्रा होती है सूर्य मुद्रा| सूर्य मुद्रा को कई लोग अग्नि मुद्रा (known as agni mudra) के नाम से भी जानते है| जो लोग मोटापा (obesity) और मधुमेह (sugar) जैसी समस्याओ से ग्रसित (infected) है उनके लिए यह योग मुद्रा बेहद ही (very beneficial) फायदेमंद है| तो आइये जानते है Surya Mudra in Hindi, जैसे की इसे करने की विधि, इसे करने के लाभ (benefit) और इससे जुडी सावधानियों (cautions) के बारे में|

जानिए सूर्य मुद्रा की विधि, लाभ और सावधानिया – Know about the Benefits and Caution of Surya Mudra

सूर्य मुद्रा करने की विधि:- Know How to do Surya Mudra

सूर्य मुद्रा करने के लिए सबसे पहले तो सिद्धासन (siddhasana),पदमासन (padmasana) या सुखासन (sukhasana) में बैठ जाएँ ।

अब दोनों हाँथ घुटनों (knees) पर रख लें और हथेलियाँ (hands) उपर की तरफ रहें|

अब सबसे पहले अनामिका उंगली (finger) को मोड़कर अंगूठे की जड़ में लगा लें एवं उपर से अंगूठे (press with thumb) से दबा लें|

अनामिका उंगली आपकी रिंग फिंगर (ring finger) को कहा जाता है|

इस वक्त आपकी बाकी बची हुई तीनों उंगलियों (three finger) को बिल्कुल सीधी रहने दे|

इस तरह  बनने वाली मुद्रा को अग्नि / सूर्य मुद्रा (surya mudra) कहते है|

सूर्य मुद्रा को करने के लाभ – Benefits of Surya Mudra

सूर्य मुद्रा को दिन में दो बार 15 मिनट करने से कोलेस्ट्राल (reduce cholesterol) घटता है|

शरीर की सूजन (swelling in body) दूर करने में भी यह मुद्रा (very helpful) लाभप्रद है|

अग्नि मुद्रा को करने से शरीर में ताकत (increase power in body) पैदा होती है। इसे करने से पेट के रोग नष्ट (kills stomach problem) हो जाते हैं|

इसके नियमित अभ्यास (regular practice) से मानसिक तनाव दूर होता है और भय, शोक खत्म (finish) हो जाते है|

इस मुद्रा का आध्यात्मिक लाभ (spiritual benefit) भी है| इसे करने से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जाग्रत (grows) होता है|

मोटापे से पीड़ित (affected from obesity) व्यक्तिओ को वजन कम करने के लिए इसका अभ्यास (practice) जरूर करना चाहिए|

प्रसव (pregnancy) के बाद जिन स्त्रियों का मोटापा (fatness in womens) बढ़ जाता है उनके लिए सूर्य मुद्रा बेहद (benefit) फायदेमंद है| इसके अभ्यास (practice) से प्रसव उपरांत का मोटापा नष्ट होकर शरीर (kills obesity in body) पहले जैसा बन जाता है|

इस मुद्रा के अभ्यास से पाचन प्रणाली (improves digestion system) ठीक होती है किन्तु यदि आपको एसिडिटी (Acidity) और अम्लपित्त (pyrosis) की तकलीफ है तो यह मुद्रा ना करे|

इस मुर्दा के रोजाना अभ्यास (regular practice) से पूरे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और गर्मी पैदा (heat in body) होती है। दरहसल अनामिका अंगुली पृथ्वी (earth) एवं अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व (represent) करता है, इसलिए इन तत्वों (elements) के मिलन से शरीर में तुरंत उर्जा उत्पन्न (sudden energy) हो जाती है|

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सूर्य मुद्रा करने का समय अवधि – Time and Period of Sura Mudra

प्रातः सूर्योदय (sunrise) के समय स्नान आदि से निवृत्त (after bathing) होकर सूर्य मुद्रा को करना अधिक फायदेमंद (more benefit) होता है| इसके अतरिक्त इसे सांयकाल सूर्यास्त (before sunset) से पहले भी कर सकते हैं |

इस मुद्रा का अभ्यास (practice) शुरुवात में 8 मिनट से प्रारंभ (start) करके 24 मिनट तक किया जा सकता है|

गर्मी के दिनों (summer days) में इस मुद्रा को लगभग 8 मिनट तक ही करना चाहिए इसको ज्यादा देर तक करने से शरीर में गर्मी बढ़ (increases heat in body) जाती है। सर्दियों  (winters) में सूर्य मुद्रा को ज्यादा से ज्यादा याने की 24 मिनट तक किया जा सकता है।

सूर्य मुद्रा में बरती जाने वाली सावधानियां – Cautions to do in Surya Mudra

यदि आपका शरीर बहुत अधिक कमजोर (very weak) है तो आपको सूर्य मुद्रा नही करनी (don’t do surya mudra) चाहिए| सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है इसलिए गर्मियों में इस मुद्रा करने से पहले (drink 1 glass water before doing this) एक गिलास पानी पी लेना चाहिए।

अगर आप भी उपरोक्त दिए (above given benefits) गए फायदों को पाना चाहते है तो सूर्य मुद्रा को अपने दैनिक जीवन (add in regular lfie) में जरूर शामिल करे| वैसे तो योग का अभ्यास खाली पेट (empty stomach) किया जाता है| लेकिन सूर्य मुद्रा को आप कुछ खाने के बाद 10 मिनट के अंतराल (gap) पर भी कर सकते है|

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