तलाक एक प्रेम कथा – Divorce A Love Story
तलाक एक प्रेम कथा – Divorce A Love Story

तलाक एक प्रेम कथा – Divorce A Love Story

तलाक एक प्रेम कथा – Divorce A Love Story

हुआ यों कि पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ (husband slap his wife) जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति (wife throw her sandal) की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को (touch head of husband) छूता हुआ निकल गया।

मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहिनी (husband feel insult) समझी, रिश्तेदारों (relatives) ने मामला और पेचीदा (intense situation) बना दिया, न सिर्फ़ पेचीदा बल्कि संगीन, सब रिश्तेदारों ने इसे खानदान (insult of whole family) की नाक कटना कहा, यह भी कहा कि पति को सैडिल मारने वाली औरत (woman) न वफादार होती है न पतिव्रता।

इसे घर (home) में रखना, अपने शरीर में मियादी बुखार पालते रहने जैसा है। कुछ रिश्तेदारों ने यह भी पश्चाताप जाहिर किया कि ऐसी औरतों का भ्रूण ही समाप्त (kill the woman) कर देना चाहिए।

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बुरी बातें चक्रवृत्ति ब्याज (bad things increases) की तरह बढ़ती है, सो दोनों तरफ खूब आरोप उछाले गए। ऐसा लगता था जैसे दोनों पक्षों के लोग आरोपों का वॉलीबॉल (like playing volleyball) खेल रहे हैं। लड़के ने लड़की के बारे में और लड़की ने लड़के के बारे में कई असुविधाजनक बातें कही।

मुकदमा (case register) दर्ज कराया गया। पति ने पत्नी की चरित्रहीनता का तो पत्नी ने दहेज उत्पीड़न (dowry case) का मामला दर्ज कराया। छह साल तक शादीशुदा जीवन बीताने और एक बच्ची (parents of a daughter) के माता-पिता होने के बाद आज दोनों में तलाक हो गया।

पति-पत्नी के हाथ में तलाक (divorce paper were in their hands) के काग़ज़ों की प्रति थी।

दोनों चुप (quite) थे, दोनों (calm) शांत, दोनों निर्विकार।

मुकदमा दो साल (2 years) तक चला था। दो साल से पत्नी अलग रह रही थी और पति अलग, मुकदमे की सुनवाई (for court eharing) पर दोनों को आना होता। दोनों एक दूसरे को देखते जैसे चकमक पत्थर (stone) आपस में रगड़ खा गए हों।

दोनों गुस्से (anger) में होते। दोनों में बदले की भावना (feeling of revenge) का आवेश होता। दोनों के साथ रिश्तेदार (relatives) होते जिनकी हमदर्दियों में ज़रा-ज़रा विस्फोटक पदार्थ (dynamite powder) भी छुपा होता।

लेकिन कुछ महीने (after few months) पहले जब पति-पत्नी कोर्ट में दाखिल (enters in court) होते तो एक-दूसरे को देख कर मुँह (ignore each other) फेर लेते। जैसे जानबूझ कर एक-दूसरे की उपेक्षा कर रहे हों, वकील (advocate)औऱ रिश्तेदार दोनों के साथ होते।

दोनों को अच्छा-खासा सबक सिखाया जाता (know what to do) कि उन्हें क्या कहना है। दोनों वही कहते। कई बार दोनों के वक्तव्य बदलने लगते। वो फिर सँभल (handle the situation) जाते।

अंत में वही हुआ जो सब चाहते (in end they get divorce) थे यानी तलाक.

पहले रिश्तेदारों की फौज (army of relatives) साथ होती थी, आज थोड़े से रिश्तेदार साथ थे। दोनों तरफ के रिश्तेदार खुश (both side relatives were happy) थे, वकील खुश थे, माता-पिता (parents were happy) भी खुश थे।

तलाकशुदा पत्नी चुप थी और पति खामोश था।

यह महज़ इत्तेफाक (coincidence) ही था कि दोनों पक्षों के रिश्तेदार (both side relatives) एक ही टी-स्टॉल पर बैठे , कोल्ड ड्रिंक्स लिया।

यह भी महज़ इत्तेफाक (coincidence too) ही था कि तलाकशुदा पति-पत्नी (both civorcy were sitting together) एक ही मेज़ के आमने-सामने जा बैठे।

लकड़ी की बेंच और वो दोनों …….
”कांग्रेच्यूलेशन (congratulations) …. आप जो चाहते थे वही हुआ ….” स्त्री ने कहा।
”तुम्हें भी बधाई ….. तुमने भी तो तलाक दे (you win by getting divorce) कर जीत हासिल की ….” पुरुष बोला।

”तलाक क्या जीत का प्रतीक (symbol of win) होता है????” स्त्री ने पूछा।
”तुम बताओ?”
पुरुष के पूछने पर स्त्री ने जवाब नहीं (she says no) दिया, वो चुपचाप बैठी रही, फिर बोली, ”तुमने मुझे चरित्रहीन (immoral woman) कहा था….
अच्छा हुआ…. अब तुम्हारा चरित्रहीन स्त्री से पीछा छूटा।”
”वो मेरी गलती (my mistake) थी, मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था” पुरुष बोला।
”मैंने बहुत मानसिक तनाव (mental stress) झेली है”, स्त्री की आवाज़ सपाट थी न दुःख, न गुस्सा।

”जानता हूँ पुरुष इसी हथियार (weapon of a men) से स्त्री पर वार करता है, जो स्त्री के मन और आत्मा (can injured mind and soul of woman) को लहू-लुहान कर देता है… तुम बहुत उज्ज्वल हो। मुझे तुम्हारे बारे में ऐसी गंदी बात नहीं करनी चाहिए थी। मुझे बेहद (feeling sad) अफ़सोस है, ” पुरुष ने कहा।

स्त्री चुप रही, उसने एक बार पुरुष को देखा।
कुछ पल चुप रहने के बाद पुरुष ने गहरी साँस (take depe breath) ली और कहा, ”तुमने भी तो मुझे दहेज का (greedy for dowry) लोभी कहा था।”
”गलत कहा था”…. पुरुष की ओऱ देखती हुई स्त्री बोली।
कुछ देर चुप रही फिर बोली, ”मैं कोई और आरोप लगाती लेकिन मैं नहीं…”

प्लास्टिक के कप (tea in plastic cup) में चाय आ गई।
स्त्री ने चाय उठाई, चाय ज़रा-सी छलकी। गर्म चाय स्त्री के हाथ (hands of woman) पर गिरी।
स्सी… की आवाज़ निकली।
पुरुष के गले में उसी क्षण ‘ओह’ की आवाज़ निकली। स्त्री ने पुरुष को देखा। (both seen each other) पुरुष स्त्री को देखे जा रहा था।
”तुम्हारा कमर दर्द (how is your pain) कैसा है?”
”ऐसा ही है कभी वोवरॉन तो कभी (combiflame) काम्बीफ्लेम,” स्त्री ने बात खत्म करनी चाही।

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”तुम एक्सरसाइज (exercise) भी तो नहीं करती।” पुरुष ने कहा तो स्त्री फीकी हँसी हँस दी।
”तुम्हारे अस्थमा की क्या (condition of asthama) कंडीशन है… फिर अटैक तो नहीं पड़े????” स्त्री ने पूछा।
”अस्थमा।डॉक्टर सूरी ने स्ट्रेन… मेंटल स्ट्रेस (reduce mental stress) कम करने को कहा है, ” पुरुष ने जानकारी दी।

स्त्री ने पुरुष को देखा, देखती रही एकटक। जैसे पुरुष के चेहरे पर छपे तनाव (reading stress) को पढ़ रही हो।
”इनहेलर (inhaler) तो लेते रहते हो न?” स्त्री ने पुरुष के चेहरे से नज़रें हटाईं और पूछा।
”हाँ, लेता रहता हूँ। आज लाना याद (I forget it today) नहीं रहा, ” पुरुष ने कहा।

”तभी आज तुम्हारी साँस (oxygen) उखड़ी-उखड़ी-सी है, ” स्त्री ने हमदर्द (sympathy) लहजे में कहा।
”हाँ, कुछ इस वजह (some other reason) से और कुछ…” पुरुष कहते-कहते रुक गया।
”कुछ… कुछ तनाव (cause of stress) के कारण,” स्त्री ने बात पूरी की।

पुरुष कुछ सोचता रहा, फिर बोला, ”तुम्हें चार लाख रुपए (for lakh rupees) देने हैं और छह हज़ार रुपए महीना भी।”
”हाँ… फिर?” स्त्री ने पूछा।
”वसुंधरा में फ्लैट (flat in vasundhara) है… तुम्हें तो पता है। मैं उसे तुम्हारे नाम कर देता हूँ। चार लाख रुपए फिलहाल (I do not have money right now) मेरे पास नहीं है।” पुरुष ने अपने मन की बात कही।

”वसुंधरा वाले फ्लैट की कीमत तो बीस लाख रुपए होगी??? मुझे सिर्फ चार लाख रुपए चाहिए….” स्त्री ने स्पष्ट किया।
”बिटिया बड़ी होगी… सौ खर्च होते हैं….” पुरुष ने कहा।
”वो तो तुम छह हज़ार रुपए महीना (6 thousand rupees per month) मुझे देते रहोगे,” स्त्री बोली।
”हाँ, ज़रूर दूँगा।”
”चार लाख अगर तुम्हारे पास नहीं है तो मुझे मत देना,” स्त्री ने कहा।
उसके स्वर में पुराने संबंधों (cause of old relations) की गर्द थी।

पुरुष उसका चेहरा देखता रहा….
कितनी सह्रदय (good heart) और कितनी सुंदर (beautiful) लग रही थी सामने बैठी स्त्री जो कभी उसकी (was her wife) पत्नी हुआ करती थी।
स्त्री पुरुष को देख रही थी और सोच रही थी, ”कितना सरल स्वभाव (calm nature) का है यह पुरुष, जो कभी उसका पति हुआ करता था। कितना प्यार करता (loving her a lot) था उससे…

एक बार हरिद्वार में जब वह गंगा (for bath ni haridwar) में स्नान कर रही थी तो उसके हाथ से जंजीर छूट गई। फिर पागलों की तरह (come to save her like mad) वह बचाने चला आया था उसे। खुद तैरना नहीं आता था लाट साहब को और मुझे बचाने की कोशिशें करता रहा था… कितना अच्छा है… मैं ही खोट निकालती रही…”

पुरुष एकटक स्त्री को देख रहा था और सोच रहा था, ”कितना ध्यान रखती (how much she cares) थी, स्टीम के लिए पानी उबाल (boiling water for me) कर जग में डाल देती। उसके लिए हमेशा इनहेलर खरीद (buying inhaler) कर लाती, सेरेटाइड आक्यूहेलर बहुत महँगा (very costly) था। हर महीने कंजूसी करती, पैसे (saving money) बचाती, और आक्यूहेलर खरीद लाती। दूसरों की बीमारी की (who cares about problem of others) कौन परवाह करता है? ये करती थी परवाह! कभी जाहिर (never shows) भी नहीं होने देती थी। कितनी संवेदना (sensitive) थी इसमें। मैं अपनी मर्दानगी के नशे में रहा। काश, जो मैं इसके जज़्बे को समझ पाता।”

दोनों चुप थे, (very quiet) बेहद चुप।
दुनिया भर की आवाज़ों (away from the whole worlds screaming) से मुक्त हो कर, खामोश।
दोनों भीगी आँखों (eyes were wet) से एक दूसरे को देखते रहे….

”मुझे एक बात कहनी है, ” उसकी आवाज़ में झिझक (hesitation) थी।
”कहो, ” स्त्री ने सजल आँखों (hydrous eyes) से उसे देखा।
”डरता हूँ,” पुरुष (man says) ने कहा।
”डरो मत। हो सकता है तुम्हारी बात मेरे मन की बात हो,” स्त्री ने कहा।
”तुम बहुत याद (remember) आती रही,” पुरुष बोला।
”तुम भी,” स्त्री ने कहा।
”मैं तुम्हें अब भी प्रेम (I still love you) करता हूँ।”
”मैं भी.” स्त्री ने कहा।

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दोनों की आँखें कुछ ज़्यादा ही सजल हो गई थीं।
दोनों की आवाज़ जज़्बाती (emotional sounds) और चेहरे मासूम।
”क्या हम दोनों जीवन को नया (start new life) मोड़ नहीं दे सकते?” पुरुष ने पूछा।
”कौन-सा मोड़?”
”हम फिर से साथ-साथ रहने लगें… एक साथ… पति-पत्नी (live together again) बन कर… बहुत अच्छे दोस्त बन कर।”

”ये पेपर?” स्त्री ने पूछा।
”फाड़ देते हैं।” पुरुष ने कहा औऱ अपने हाथ से तलाक के काग़ज़ात (tear the papers) फाड़ दिए। फिर स्त्री ने भी वही किया। दोनों उठ खड़े हुए। एक दूसरे के हाथ में हाथ डाल (hands in hands and smile) कर मुस्कराए। दोनों पक्षों के रिश्तेदार (both side relatives were surprised) हैरान-परेशान थे। दोनों पति-पत्नी हाथ में हाथ डाले घर की तरफ चले गए। घर जो सिर्फ (house of both of them only) और सिर्फ पति-पत्नी का था ।।
पति पत्नी में प्यार और तकरार (love and argument is a part of life) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जरा सी बात पर कोई (don’t take big decision very soon) ऐसा फैसला न लें कि आपको जिंदगी भर (feel bad for whole life) अफसोस हो ।।

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