जानिये कारण नवजात शिशु के सही प्रकार से वजन न बढ़ने के , Know the reason for not gaining weight by New Born Baby
जानिये कारण नवजात शिशु के सही प्रकार से वजन न बढ़ने के , Know the reason for not gaining weight by New Born Baby

जानिये कारण नवजात शिशु के सही प्रकार से वजन न बढ़ने के Know the reason for not gaining weight by New Born Baby

जानिये कारण नवजात शिशु के सही प्रकार से वजन बढ़ने के | Know the reason for not gaining weight by New Born Baby

कई कारणों से सामान्‍य गति (normal way) से नहीं बढ़ता वजन। कई बार बच्‍चे को निगलने (problem in swelling) में होती है परेशानी। चिकित्‍सीय जांच (medical research) से चल सकता है वा‍स्‍‍तविक कारणों का पता। वजन में मां का स्‍वास्‍थ्‍य भी है (mother’s health is also important) अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण।

अपने बच्‍चे के आहार (diet of children) में आप किसी तरह की कमी नहीं रखतीं। उसे सर्वश्रेष्‍ठ आहार (best diet) देती हैं, फिर भी उसका वजन सामान्‍य (weight less than normal) से कम है। जाहिर है इस बात को लेकर कोई भी मां फिक्रमंद (mother will be stressed) होगी। यह कई मांओं के साथ होनी वाली (happening with so many mothers) सामान्‍य समस्‍या है। मामला बच्‍चे की सेहत का है (its about the health of a child) और इसे लेकर कोई भी मां लापरवाही और कोताही नहीं बरतना चाहती।

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वजन सही रफ्तार से न बढ़ना कोई बीमारी (it is not a disease)  नहीं है। यह चिकित्‍सीय, सामाजिक और पर्यावरणीय कारणों के मेल (might be a problem of these 3 things) अथवा किसी एक के कारण होने वाली समस्‍या है। इसके कारण बच्‍चा पर्याप्‍त मात्रा में कैलोरी का (not eating proper calories) उपभोग नहीं कर पाता। लेकिन, क्‍या बच्‍चे का वजन धीमी गति से बढ़ना एक (is this a topic of serious discussion) चिंता का विषय है। शुरुआती अवस्‍था में शायद (maybe not in starting) नहीं, लेकिन फिर भी बेहतर रहेगा अगर आप अपने (but its better to consult the doctor) बच्‍चे के विकास पर नजर रखें।समस्‍या अधिक हो तो डॉक्‍टर से बात करें। डॉक्‍टर जांच करने के साथ ही आपसे (doctor will check the child) बच्‍चे की सेहत संबंधी कई सवाल (tell you the exact problem) पूछ सकता है। इससे डॉक्‍टर को इसके पीछे के सही कारण का अंदाजा (so doctor also understand the reason behind this) हो जाएगा।

याद रखिए, बच्‍चे के मानसिक (mental) और शारीरिक विकास (physical growth) में शुरुआती तीन वर्ष अहम होते हैं। इस दौरान उसे पर्याप्‍त पोषण (must give proper nutrition’s) दिया जाना जरूरी है। अगर आपके बच्‍चे का वजन जरूरी मानक से 20 फीसदी या उससे अधिक कम है, तो यह चिंता (its time to think) का विषय है। हो सकता है कि डॉक्‍टर बच्‍चे की स्‍‍थूल, रक्‍त व अन्‍य (doctor make take more test) जांच करना जरूरी समझे। डॉक्‍टर इस बात की भी जांच करेगा कि कहीं बच्‍चे को खाने या निगलने (problem in eating or swelling) में तो परेशानी नहीं हो रही। कई बार समस्‍या का हल आसानी से हो जाता है (sometime problem solve easily) और कई बार यह गंभीर भी हो (sometime its very serious) सकती है।

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कारण- Reason

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। डॉक्‍टर कई बार टेस्‍ट और उनका आंकलन करने में महीनों (sometime doctor take months to know about the proper problem) गुजार सकता है। इसमें वह बच्‍चे के आहार (diet), स्‍वास्‍थ्‍य इतिहास (medical history) , शारीरिक क्रियाशीलता (physical activity) के अलावा अन्‍य सभी सम्‍भावित कारणों के मद्देनजर समस्‍या के मूल (roots of problem) तक पहुंचने का प्रयास करता है। बच्‍चे का वजन सही प्रकार से न बढ़ने का कारण उसे पर्याप्‍त मात्रा में (not getting proper nutrition) पोषण नहीं मिल पाना हो सकता है अथवा वह उन पौष्टिक तत्‍वों को सही प्रकार (or not taking nutrition’s properly) से अवशोषित नहीं कर पा रहा है।

स्‍तनपान से जुड़ी समस्‍यायें – Problem related breast feeding

 – सम्‍भव है कि स्‍तनपान करते समय आपका बच्‍चा थककर (your child sleep while breastfeeding) सो रहा है और इसी के चलते वह जरूरी मात्रा में दूध का सेवन (taking enough milk which needed) भी न कर पा रहा हो।

 – यह भी संभव है कि उसे दूध पीने में दिक्‍कत (might be problem in drinking milk) हो रही हो।

 – अगर आप तनाव (stress) या दर्द (pain) से जूझ रही हैं, तो इससे भी आपके स्‍तनों से दूध का स्राव कम (less milk comes from your breast) हो जाता है जिसके कारण बच्‍चा पर्याप्‍त मात्रा में दूध नहीं पी पाता। अगर यह समस्‍या गंभीर रूप (if it problem gets dangerous) ले ले, तो इसका बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर गंभीर और दीर्घकालिक (it effects child on long time basis) असर पड़ सकता हैं।

 – कई बार आप बच्‍चे को एक निश्‍चित समय (breastfeeding on particular time) पर ही स्‍तनपान करवाती हैं। संभव है कि उसे उस समय भूख (not hungry that time) न हो। याद रखिए बच्‍चे को स्‍तनपान तभी करवाना चाहिए जब वह (feed child when child is hungry not when you want to feed) भूखा हो न कि अपनी मर्जी के अनुसार। ज्‍यादातर जानकार मानते हैं कि आपके बच्‍चे को तब तक स्‍तनपान अथवा बोतल से दूध (breastfeeding or milk in bottle) पिलाना चाहिए, जब तक वह उससे दूध पीना चाहता है।

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अन्‍य कारण – Other Reasons

 – अपने बच्‍चे के कद, वजन और सिर के आकार (height, weight and head size) की तुलना अन्‍य बच्‍चों से करें|

 – संभव है कि बीमारी के कारण बच्‍चे की भूख कम (lack of food cause of any infection) हो गई हो।

 – यह भी संभव है कि उसे डायरिया (diarrhea) , रिफ्लक्‍स (reflex) और दुग्‍ध असहिष्‍णुता हो गई हो।

 – अगर आपको पोस्‍टपार्टम डिप्रेशन है (post par-tom depression) या किसी अन्‍य कारण से आप अपने बच्‍चे पर पूरा ध्‍यान (not caring baby properly) नहीं दे पा रही। तो यह भी एक कारण हो सकता है।

 – कुछ दुर्लभ मामलों (rare cases) में वजन न बढ़ने की यह तकलीफ (problem) सिस्टिक फाइब्रोसिस, हृदय रोग (heart infection) और सीलिएक बीमारी का रूप भी ले सकती है। जो भी है, जरूरत इस बात की है कि आप अपने बच्‍चे में इस समस्‍या की जल्‍द पहचान (understand the problem faster) कर उसका इलाज (and treat the child) करवाएं।

इस बात का ध्‍यान रखें कि एक ओर जहां आपके बच्‍चे का सही गति से वजन बढ़ते (important to gain weight properly) रहना जरूरी है, वहीं इस बात का भी ध्‍यान रखें कि आपका बच्‍चा कुछ समय तक वजन कम (loosing sudden weight) करने के बाद तेजी से उसे हासिल (grow the faster too) भी कर सकता है। बच्‍चे का वजन स्‍मूथ तरीके (smooth way) से बढ़े ऐसा बिल्‍कुल भी जरूरी नहीं। वजन बढ़ने और कम होने की गति बदलती (speed ups and down) रहती है। बीमारी व अन्‍य कारणों से वजन बढ़ना अस्‍थायी रूप से रुक (stops temporary) भी सकता है। लेकिन, फिर भी आपको बच्‍चे की सेहत की निगरानी (must care about this) रखनी जरूरी है।

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