जानिये औरत के गर्भ को कैसे ताकतवर बनाये जिससे माँ और बच्चा स्वस्थ रहे , Jaaniye aurat ke garbh ko kaise taaqatwar banaye jisse maa aur bacha swasth rahe, Pregnancy Care Tips For Pregnant Womens In Hindi
जानिये औरत के गर्भ को कैसे ताकतवर बनाये जिससे माँ और बच्चा स्वस्थ रहे , Jaaniye aurat ke garbh ko kaise taaqatwar banaye jisse maa aur bacha swasth rahe, Pregnancy Care Tips For Pregnant Womens In Hindi

जानिये औरत के गर्भ को कैसे ताकतवर बनाये जिससे माँ और बच्चा स्वस्थ रहे | Jaaniye aurat ke garbh ko kaise taaqatwar banaye jisse maa aur bacha swasth rahe| Pregnancy Care Tips For Pregnant Womens In Hindi

जानिये औरत के गर्भ को कैसे ताकतवर बनाये जिससे माँ और बच्चा स्वस्थ रहे | Jaaniye aurat ke garbh ko kaise taaqatwar banaye jisse maa aur bacha swasth rahe| Pregnancy Care Tips For Pregnant Womens In Hindi

 

गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें: How to care in pregnancy

चिकित्सा :- Treatment

1. तिल:धुले हुए तिल और जौ20-20 ग्राम की मात्रा में कूट छानकर इसमें लगभग 40 ग्राम की मात्रा में खांड (powder sugar) मिला दें। इसकी 5 ग्राम की मात्रा सुबह शहद (honey) के साथ सेवन करने से गर्भ सुदृढ़ होता है।

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2. पीपल: पीपल की जटा, समुद्र फल और सालम मिश्री सभी को बराबर की मात्रा में लेकर पीसकर तीन दिनों तक सुबह-शाम दूध के साथ पीना (drink it twice a day with milk) चाहिए। इससे गर्भाशयपुष्ट हो जाता है और गर्भवती महिला को कोई दर्द (no pain happen to pregnant woman) नहीं होता है।

3. बेलगिरी: बेलगिरी 20 ग्राम को चावलों के धोवन में पीसकर उसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से गर्भवती स्त्री को उल्टी (vomiting), पतले दस्त (loose motion), मीठा-मीठा बुखारचढ़ना, हाथ-पैरों की थकावट (laziness in body) होना आदि सभी विकार दूर हो जाते हैं।

4. मुलेठी: गर्भाशय शिशु सूखता जा रहा हो तो ऐसी अवस्था में गंभारी फल, मुलेठी और मिश्री को समान मात्रा 15-20 ग्राम मात्रा को सुबह-शाम दूध में उबालकर (boiled milk) नियमित गर्भवती महिला को पिलाना (give regularly to pregnant woman) चाहिए।

5. गर्भाशय की कमजोरी: गर्भ नहीं ठहरता हो या गर्भस्राव हो जाता हो तो ऐसी स्थिति में कुछ हफ्ते ताजे सिंघाड़े खाने से लाभ (fresh singhade are good for health) होता है। सिंघाड़े की लपसी गर्भवती स्त्री को दिन में दो से तीन बार दूध के साथ देने से रक्तस्राव रुक (bleeding stops) जाता है जिससे गर्भाशय की कमजोरी (weakness in pregnancy) दूर हो जाती है।

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