जनिये आंवला के स्वादिष्ट नुस्खे , Jaaniye Amla ke swadisth nuskhe
जनिये आंवला के स्वादिष्ट नुस्खे , Jaaniye Amla ke swadisth nuskhe

जनिये आंवला के स्वादिष्ट नुस्खे | Jaaniye Amla ke swadisth nuskhe

जनिये आंवला के स्वादिष्ट नुस्खे | Jaaniye Amla ke swadisth nuskhe

 

आंवला एक चमत्कार ही है। अंग्रेजी में इसे (indian gooseberry) इंडियन गूज़बेरी  कहते है। इसका बॉटनिकल नाम (BOTANICAL NAME) Phyllanthus emblica है। संस्कृत (sanskrit) में इसे आमलकी कहा जाता है जिसका मतलब होता है  “समृद्धि”। इसका महत्त्व सदियों पूर्व हमारे ऋषि मुनियों ने जान लिया था। इसके उपयोग (use) से उन्होंने खुद को उम्र के प्रभाव से मुक्त करने का तरीका तलाश (search) कर लिया था। आंवले से  उन्होंने च्यवनप्राश (chaywanprash) जैसी औषधि बनाई जो चिरयुवा और स्वस्थ रहने में प्रभावी (effective) रही। आज सभी लोग आंवले का प्रभाव और गुण जानते है और मानते है। इसकी जितनी भी चर्चा (discussion) करें कम ही है।

आंवला- Amla

शरीर (body) के लिए  आंवला अमृत है। इसमें विटामिन ” C ” प्रचुर मात्रा में होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आंवले की कोई बराबरी (equity) नहीं है। आंवला की खास बात ये है की इसका विटामिन ” C ” कभी भी नष्ट (finish) नहीं होता। साथ ही इसका विटामिन ” C ” शरीर आसानी से जज्ब कर लेता है। इसलिए इसे किसी भी तरह यूज़ (use) किया जा सकता है।

आंवले में मौजूद सक्सिनिक अम्ल (succinic acid) बुढ़ापे को रोकने में सक्षम होता है। ये अम्ल यौवन को पुनः लौटा भी सकता है। आंवला में पेक्टिन नाम का कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) शरीर के लिए अति आवश्यक तत्वों की पूर्ति करता है। इसके अलावा भी आंवले में बहुत से ऐसे तत्व होते है जो कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में सहायक (helpful of regrowth of tissue) होते है तथा शरीर की रक्त वाहिनी एवं स्नायु को कठोर (hard) होने से बचाते है। जिसकी वजह से शरीर में कम उम्र वाला लचीलापन बना रहता है।

आयुर्वेद में आंवले को कफ और पित्त को नियंत्रित (control) करने वाला बताया है। खट्टे पदार्थ पित्त बढ़ाते है लेकिन आंवला खट्टा होते हुए हुए भी पित्त को नियंत्रित करता है।

आंवला को ताजा साबुत खाना (eating fresh is good) सबसे अच्छा है। इसका रस  भी ले सकते है। रस  बनाने के लिए कच्चे आंवले को पीस कर रस निकाल कर (लगभग एक चम्मच ) थोड़ा पानी मिलाकर पीना (drink) चाहिए।

नवंबर से मार्च महीने (november to march month) तक ताजा आंवला उपलब्ध (available) रहता है। जनवरी -फरवरी (januray february) में मिलने वाला आंवला सर्वश्रेष्ठ (best) होता है। जैम या मुरब्बा (jam ya murabba) बनाने के लिए ये उपयुक्त (perfect) समय होता है। बड़ा आंवला जिसके गूदे में रेशा नहीं हो और जिसमे दाग धब्बे नहीं हो वो अच्छा होता है।

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आंवले का नियमित रूप से सेवन अनेक रोगों से रक्षा करता है। इसका नित्य उपयोग करने के ये तरीके हो सकते है :-

     आंवले की कैंडी (candy) बना कर खा सकते है।

     आंवले की सुपारी बना कर खा सकते है।

     आंवले का मुरब्बा रोज खा सकते है।

     आंवले का अचार (pickle) खा सकते है।

     आंवले का रस और शहद (juice and honey) मिलाकर शरबत के रूप में ले सकते है।

     आंवले की चटनी (chatni) बनायीं जा सकती है।

     आंवले को सब्जी (sabji) में डाला जा सकता है।

आंवला के फायदे – benefits of amla

ह्रदय रोग – amla is good in heart problem

आंवला कोलेस्ट्रॉल कम (reduce cholesterol) करता है तथा आर्टरी (artery) में जमाव को रोकता है। किसी भी रूप में आंवले का लगातार सेवन ह्रदय रोग को दूर रखता है।

सेवन के ये तरीके हो सकते है –

     आंवले का चूर्ण आधा चम्मच और मिश्री आधा चम्मच मिलाकर रोजाना पानी (use daily with water) के साथ निगल लें।

     आंवले का मुरब्बा 2 पीस खाकर एक गिलास टोंड मिल्क (toned milk) पी लें।

     आधा कप पानी में तीन चम्मच आंवले का रस और मिश्री मिलाकर रोज पिएं।

नकसीर – naksir- bleeding from nose

आंवले का मुरब्बा नियमित खाने (regular usage) से नकसीर बंद होती है। तीन चम्मच आंवले का रस मिश्री मिलाकर रोज पीने से नकसीर बंद हो जाती है । इसके अलावा सूखे आंवले पानी में भिगोकर , इस पानी से सिर धोने से नकसीर बंद हो जाती है।

पाचन तंत्र – Digestion system

आंवला के नित्य उपयोग से मेटाबोलिज्म सुधरता (improving metabolism) है पाचन तंत्र शक्तिशाली (strong digestion system) बनता है। गैस व पेटदर्द (gas and stomach pain) की शिकायत नहीं होती। खाना जल्दी हजम होकर शरीर को शक्ति (power) देता है। इस प्रक्रिया से एनर्जी (energy) बनी रहती है थकान नहीं लगती , मांसपेशियां (muscles) मजबूत बनती है। इसके अलावा वजन (weight) नहीं बढ़ता। इसके लिए खाना खाने के बाद सूखे आंवले का चूर्ण एक चम्मच लेना चाहिए। या सोते समय (before sleep) भी ले सकते है।

स्वप्न दोष

 आधा कप पानी में चार चम्मच आंवले का चूर्ण डालकर रात को भिगो दें। सुबह छानकर चार चुटकी हल्दी (drink with turmeric powder) मिलाकर पी लें। इससे स्वप्न दोष ठीक होता है।

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 दो चम्म्च आंवले का चूर्ण , एक चम्म्च देसी घी और एक चम्म्च मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट खाने (eat it empty stomach) से कुछ दिनों में सिरदर्द (headache) चला जाता है।

एसिडिटी – acidity

सुबह खाली पेट दो चम्म्च आंवले के रस में एक चम्मच मिश्री मिलाकर लेने से एसिडिटी ठीक होती है। आंवले का चूर्ण बराबर मात्रा में मिश्री मिलकर पानी के साथ फांकने से भी अम्ल पित्त ठीक हो जाता है।

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ब्लड प्रेशर – Blood Pressure

आंवला शरीर में सोडियम को कम (reduce sodium) करता है। इसलिए इसके उपयोग (use) से बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कम होता है। आंवले पर्याप्त मात्रा में फाइबर (fiber) होने के कारण भी ये लाभदायक (helpful) है।

खांसी – Khaansi- Cough

आंवले का चूर्ण मिश्री के साथ दिन में तीन चार बार चूसने से खांसी ठीक हो जाती है। आंवले की हरी पत्तियां (green leaves of amla) छाया में सुखाकर बारीक पीस लें। ये चूर्ण सुबह शाम एक चम्मच पानी के साथ लेने से हर प्रकार की खांसी में आराम मिलता है।

पेशाब की तकलीफ – Problem in urine

आंवला पेशाब में परेशानी मिटाता है। आंवला खाने से पेशाब खुलकर आता है जिससे शरीर के विजातीय द्रव्य , टोक्सिन (toxin), यूरिक एसिड (uric acid) आदि निकल जाते है और शरीर शुद्ध (pure) होता है। चार चम्मच आंवले के में दो चम्मच शहद और थोड़ी सी हल्दी मिलाकर सुबह शाम लेने से पेशाब में मवाद आती हो तो बंद हो जाती है।

स्मरण शक्ति – Strong memory

आंवला खाली पेट रोजाना आंवले का मुरब्बा खाने से स्मरण शक्ति तेज हो जाती है। किसी भी उम्र (take it in any age)  में ये लिया जा सकता है और कारगर साबित होता है।

बालों के लिए – For hairs

बालों के लिए आंवला वरदान है। किसी भी रूप में आंवला खाना बालों के लिए फायदेमंद (helpful) है। आंवले का तेल बालों (use amla oil for hairs) में जरूर लगाना चाहिए। इसके अलावा बाल धोने के लिए आंवला ,अरीठा और शिकाकाई बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीस लें। ये मिश्रण (mixture) चार चम्मच एक गिलास पानी में डालकर उबाल (boil) लें। ठंडा होने पर मसलकर छान लें। इससे बाल धोने बाल साफ ,सूंदर, मुलायम, काले और लम्बे (long) होते है।

दस्त – Dast- loose Motion

आंवले का चूर्ण और काला नमक (black salt) समान मात्रा में मिलाकर पानी साथ लेने से दस्त बंद हो जाते है। आंवले का मुरब्बा खाने  दस्त में आराम (relief) मिलता है।

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