एक खतरनाक कहानी बूढ़ी औरत और चोर , Dangerous Story of Old Woman and Thief
एक खतरनाक कहानी बूढ़ी औरत और चोर , Dangerous Story of Old Woman and Thief

एक खतरनाक कहानी बूढ़ी औरत और चोर – Dangerous Story of Old Woman and Thief

एक खतरनाक कहानी बूढ़ी औरत और चोर – Dangerous Story of Old Woman and Thief

रात में एक चोर (thief) घर में घुसा..।

कमरे का दरवाजा (room door) खोला तो

बरामदे पर एक बूढ़ी औरत (old woman was sleeping) सो रही थी।

खटपट से उसकी आंख (eye opens) खुल गई। चोर ने घबरा (afraid) कर देखा

तो वह लेटे लेटे बोली….

” बेटा, तुम देखने से किसी अच्छे घर (good house) के लगते हो,

लगता है किसी परेशानी से मजबूर होकर इस रास्ते (doing this work) पर लग गए हो।

चलो ….कोई बात नहीं।

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अलमारी (almirah) के तीसरे बक्से में एक तिजोरी (safe) है ।

इसमें का सारा माल तुम चुपचाप (quietly) ले जाना।

मगर पहले मेरे पास आकर (sit near me) बैठो, मैंने अभी-अभी एक (seen a dream) ख्वाब

देखा है । वह सुनकर जरा मुझे इसका मतलब (tell me the meaning) तो बता दो।”

चोर उस बूढ़ी औरत (old woman) की रहमदिली से बड़ा अभिभूत हुआ और चुपचाप उसके (sit near her quietly) पास जाकर बैठ गया।

बुढ़िया ने अपना सपना (telling him her dream) सुनाना शुरु किया…

”बेटा, मैंने देखा कि मैं एक रेगिस्तान (lost somewhere) में खो गइ हूँ।

ऐसे में एक चील (eagle) मेरे पास आई और उसने 3 बार जोर जोर

से बोला (and says) अभिलाष! अभिलाष! अभिलाष !!!

बस फिर ख्वाब खत्म (dream finish) हो गया और मेरी आंख खुल गई।

..जरा बताओ तो इसका क्या (what is the meaning of this) मतलब हुई? ”

चोर सोच में (thief thinking) पड़ गया।

इतने में बराबर वाले कमरे (room) से

बुढ़िया का नौजवान बेटा (young son) अभिलाष अपना नाम

ज़ोर ज़ोर से सुनकर (wake up from shouting) उठ गया और अंदर आकर चोर की

जमकर धुनाई (beat thief badly) कर दी।

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बुढ़िया बोली ”बस करो अब (its enough now)

यह अपने किए की सजा (punishment) भुगत चुका।”

चोर बोला, “नहीं- नहीं ! मुझे और कूटो (beat me more) , सालों!….

ताकि मुझे आगे (I will remember this) याद रहे कि…

… मैं चोर (thief) हूँ , सपनों (dream) का सौदागर नहीं। ”

Moral –

Don’t get emotional, Be Professional with your work.. That’s it…

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