आप स्ट्रेस में हैं के नहीं जानिये इन 6 संकेतों से , Aap stress mein hai ke nahi jaaniye in 6 signs se
आप स्ट्रेस में हैं के नहीं जानिये इन 6 संकेतों से , Aap stress mein hai ke nahi jaaniye in 6 signs se

आप स्ट्रेस में हैं के नहीं जानिये इन 6 संकेतों से | Aap stress mein hai ke nahi jaaniye in 6 signs se

आप स्ट्रेस में हैं के नहीं जानिये इन 6 संकेतों से | Aap stress mein hai ke nahi jaaniye in 6 signs se

स्‍ट्रेस आज के समय में बहुत सामान्‍य सी समस्‍या (normal problem these days) हो गई हैं। लेकिन समय पर स्‍ट्रेस पर काबू नहीं किया (if you not control this) गया तो इसके नतीजे बुरे (bad result) भी हो सकते है। स्‍ट्रेस की वजह से न तो किसी क‍ाम में मन (no mood of work) लगता है। न ही भूख लगती है न ही रात को नींद (no sleep) आती है। तनाव और चिंता के काले बादल चारों (black clouds) तरफ मंडराते रहते हैं। आप तनाव में होते है तो (when you are in stress) आपका शरीर भी आपको संकेत (body gives you signal) देने लगता है क‍ि आप स्‍ट्रेस में है। आइए जानते है ये संकेत (lets know the signs) कैसे होते?

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  1. चिड़चिड़ापन आना – Irritation- तनाव में चिड़ना और परेशान (irritation and problem) होना भी आम सी बात होती हैं, आपको छोटी छोटी बातें अच्‍छी (don’t like small things) नहीं लगती है। आप हर छोटी सी छोटी बात पर चिड़ जाते है। किसी से सही तरीके से बात नहीं करते है (not talking with nayone politely) और हर छोटी सी बात पर परेशान हो जाते हैं।
  2. फालतू की बातें सोचते रहना – Always thinking about rough things- चिंता करना तनाव की निशानी (sign of a stress) है। ऐसा तब होता है जब आप जरुरत से ज्‍यादा सोचने (thinking more than enough) लगती है। इस वजह से आप चीजों पर फोकस 9cant focus on work) भी नहीं कर पाते हैं। इस वजह से आपका कॉन्फिडेंस भी धीरे धीरे कम (loosing your confidence slowly) होने लगता है।
  3. मसल्‍स और ज्‍वाइंट का सख्‍त होना – Stiffness in Muscles and joints – क्‍या आपको लगता है कि आपके कंधे थोड़े से अकड़ (stiffness in shoulders) गए हैं। ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेने की वजह से अक्‍सर (mostly cause of stress) ऐसा होता है। सर से लेकर पांव तक में कभी कभी ऐसी ऐंठन (stiffness in hands and legs) आ जाती है।
  4. हार्टबर्न और पेट में दर्द होना क्‍या – Acidity and stomach pain- आप हर 10 मिनट में बाथरुम (bathroom) जाते हैं, ऐसा भी स्‍ट्रेस की वजह (cause of stress) से होता है। चिंता और तनाव की वजह से होता है कि आपको बार बार बाथरुम का चक्‍कर (round of bathroom) लगाना पड़ता है। पेट में दर्द होना और हार्ट बर्न होना भी इसकी समस्‍या (problem) है।यह भी पढ़ें :- पहचाने इन इशारों से के लड़की आप से फ्लर्ट कर रही है या सच में प्यार
  5. नींद का न आना – Not Sleeping- स्‍ट्रेस के दौरान नींद न आना सबसे (not sleeping in stress) सामान्‍य सी बात है। कई बार होता है कि लोग सोना चाहते है लेकिन बेवजह की बातों (thinking about waste things) की वजह से सो नहीं पाते। रात भर जगना , मोबाइल पर चैट करना (chatting on mobile), कम्‍प्‍यूटर पर काम (working on computer) करते रहना। इसकी वजह से लोग पूरी नींद नहीं ले (cant take proper sleep) पाते है और इसका असर शरीर पर दिखता (it shows on body) है।
  6. वजन बढ़ना – Weight Gain- जब कभी आप चिं‍तित होते हैं, तो शरीर में ऐसे हार्मोन प्रवाहित (hormones effect) होते है, जो शरीर को संतुलित (body control) बनाने में निष्क्रिय (passive) हो जाते है। इसका ये नतीजा (result) ये होता है कि वजन बढ़ने (weight is gaining) लगता है।

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